Sunday, February 1, 2026
Homeराजनीति‘जूतों की माला पहनाओ, फांसी पर चढ़ाओ..’,कथावाचकों पर भड़के BJP के पूर्व...

‘जूतों की माला पहनाओ, फांसी पर चढ़ाओ..’,कथावाचकों पर भड़के BJP के पूर्व विधायक, मंच से दे दिया तीखा बयान

-

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल एक बार फिर सियासी बयानबाजी के चलते चर्चा में आ गई है। इस बार विवाद की वजह बने हैं भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक आरडी प्रजापति, जिनका कथावाचकों को लेकर दिया गया बयान सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मचा रहा है। आरडी प्रजापति ने एक सार्वजनिक मंच से कथावाचकों के खिलाफ बेहद तीखी और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, जिसके बाद उनके बयान को लेकर चौतरफा आलोचना शुरू हो गई है।
यह बयान भोपाल में आयोजित एससी-एसटी ओबीसी महासम्मेलन के दौरान दिया गया, जहां आरडी प्रजापति मुख्य वक्ता के तौर पर मौजूद थे। अपने संबोधन में उन्होंने कुछ प्रसिद्ध कथावाचकों को निशाने पर लेते हुए उन्हें महिला विरोधी बताया और समाज में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों के लिए जिम्मेदार ठहराया। बयान का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, वैसे ही राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।
पूर्व विधायक के इस बयान ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या सार्वजनिक मंच से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भीतर आता है या नहीं। खास बात यह रही कि महिला सम्मान की बात करते-करते आरडी प्रजापति खुद ऐसी शब्दावली का प्रयोग कर बैठे, जिसे कई लोग अनुचित और भड़काऊ बता रहे हैं।

रामभद्राचार्य के पुराने बयान पर भड़के आरडी प्रजापति

अपने भाषण के दौरान आरडी प्रजापति ने कथावाचक रामभद्राचार्य के एक पुराने बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने ‘WIFE’ शब्द का फुल फॉर्म बताते हुए विवाद खड़ा कर दिया था। इसी बयान को आधार बनाते हुए आरडी प्रजापति ने तीखी प्रतिक्रिया दी और कथावाचकों पर महिलाओं को अपमानित करने का आरोप लगाया।

उन्होंने मंच से कहा कि कुछ कथावाचक लाखों की भीड़ में महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कहते हैं और समाज पर इसका गलत असर पड़ता है। हालांकि इस दौरान उन्होंने जिस भाषा का इस्तेमाल किया, वह खुद विवादों में घिर गई। रामभद्राचार्य का नाम लेते हुए की गई टिप्पणियों को कई लोगों ने व्यक्तिगत और मर्यादा से बाहर बताया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बयान से आरडी प्रजापति की मंशा भले ही महिला सम्मान का मुद्दा उठाने की रही हो, लेकिन भाषा की तीव्रता ने पूरे मुद्दे को दूसरी दिशा में मोड़ दिया। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स जहां कथावाचकों के पुराने बयानों की आलोचना कर रहे हैं, वहीं बड़ी संख्या में लोग आरडी प्रजापति के शब्दों को भी उतना ही आपत्तिजनक बता रहे हैं।

अनिरुद्धाचार्य पर टिप्पणी और ‘फांसी’ तक की मांग

आरडी प्रजापति यहीं नहीं रुके। उन्होंने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें 25 साल की उम्र की लड़कियों को लेकर टिप्पणी की गई थी। इस बयान को लेकर पहले ही देशभर में महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विरोध दर्ज कराया था।
आरडी प्रजापति ने अनिरुद्धाचार्य के बयान पर गुस्सा जाहिर करते हुए मंच से कहा कि ऐसे कथावाचकों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यहां तक कह दिया कि ऐसे लोगों को “फांसी दी जानी चाहिए” और “जूतों की माला पहनाकर घुमाया जाना चाहिए।”

यही बयान सबसे ज्यादा विवाद की वजह बना। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कानून के राज में इस तरह की सजा की मांग करना खुद कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। बयान वायरल होते ही कई लोगों ने यह भी कहा कि महिला सम्मान की बात करते-करते किसी को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने या हिंसक सजा की मांग करना सही नहीं ठहराया जा सकता।

वीडियो वायरल, कार्रवाई की मांग और आरडी प्रजापति का सियासी सफर

आरडी प्रजापति का यह पूरा भाषण अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के सामने आने के बाद ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लोग अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ यूजर्स उनके बयान को साहसिक बता रहे हैं, तो वहीं बड़ी संख्या में लोग इसे नफरत फैलाने वाला और असंवैधानिक करार दे रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है।

अगर आरडी प्रजापति के राजनीतिक सफर की बात करें, तो उन्होंने वर्ष 2013 में बीजेपी के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीता था। 2018 में पार्टी ने उनके स्थान पर उनके बेटे राजेश प्रजापति को टिकट दिया, जो विधायक बने। बाद में आरडी प्रजापति ने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया और 2024 में टीकमगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

अब उनके इस ताजा बयान ने एक बार फिर उन्हें सुर्खियों में ला दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इस बयान पर राजनीतिक दल, प्रशासन और कानून क्या रुख अपनाते हैं

Read More-संगम जाने की जिद पर बवाल! माघ मेले में पुलिस से भिड़े स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, धरने पर बैठे शंकराचार्य

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts