झारखंड के लातेहार जिले में रविवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसने शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से बारात लेकर महुआडांड़ जा रही एक यात्री बस महुआडांड़ थाना क्षेत्र के ओरसा बंगलाधारा घाटी में अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के समय बस घाटी के तीखे मोड़ से गुजर रही थी, तभी अचानक ब्रेक फेल हो गए और बस चालक नियंत्रण खो बैठा। बस के पलटते ही चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 80 लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
मौके पर पांच की मौत, अस्पताल में तोड़ा दम
पुलिस के अनुसार, झारखंड हादसे के तुरंत बाद मौके पर ही पांच लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें चार महिलाएं शामिल थीं। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया और पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। लेकिन इलाज के दौरान लातेहार सदर अस्पताल में दो और घायलों ने दम तोड़ दिया। वहीं, गुमला सदर अस्पताल में रेफर किए गए घायलों में से भी दो लोगों की मौत हो गई। इस तरह मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई। मृतकों में रेशांति देवी (35), प्रेमा देवी (37), सीता देवी (45), सोनमती देवी (55), सुखना भुइयां (40) और विजय भुइयां के नाम सामने आए हैं, जबकि एक महिला की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। इस हादसे ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है और पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
32 गंभीर, रांची रेफर, अस्पतालों में अफरा-तफरी
उपमंडल अधिकारी विपिन कुमार दुबे ने बताया कि झारखंड हादसे में घायल करीब 60 लोगों को महुआडांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जबकि 20 से अधिक घायलों को एक निजी अस्पताल में इलाज दिया जा रहा है। इनमें से 32 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) भेजा जा रहा है। हादसे की खबर मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंच गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम को अलर्ट पर रखा गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी घटना पर दुख जताते हुए लातेहार के उपायुक्त को निर्देश दिया कि घायलों को हर संभव बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
ब्रेक फेल या लापरवाही?
बस चालक विकास पाठक ने पुलिस को बताया कि बस में करीब 90 यात्री सवार थे और घाटी में उतरते समय अचानक ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। चालक के अनुसार, उसने हैंडब्रेक लगाने और इंजन बंद करने की कोशिश भी की, लेकिन भारी बस पर नियंत्रण नहीं पाया जा सका और अंततः बस पलट गई। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और झारखंड हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर ब्रेक फेल होना हादसे की वजह मानी जा रही है, लेकिन बस की तकनीकी स्थिति, ओवरलोडिंग और पहाड़ी रास्तों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसे पहलुओं की भी जांच की जा रही है। यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में यात्री वाहनों की सुरक्षा और नियमित जांच पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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