दिल्ली नगर निगम (MCD) के 12 वार्डों पर हुए उपचुनावों के नतीजों ने राजधानी के स्थानीय राजनीतिक समीकरण को एक बार फिर दिलचस्प बना दिया है। जहां बीजेपी ने उत्तरी और केंद्रीय दिल्ली के कई वार्डों में मजबूत पकड़ दिखाते हुए बढ़त बनाई, वहीं आम आदमी पार्टी ने दक्षिणी इलाकों में अपनी स्थिति कायम रखी। इसी बीच कांग्रेस ने भी संगम विहार में धमाकेदार वापसी कर सबको चौंका दिया। शुरुआती रुझान से लेकर अंतिम नतीजों तक कई वार्डों में मुकाबला इतना करीबी रहा कि हर चरण की गिनती पर तस्वीर बदलती नजर आई। इस चुनाव को 2027 MCD के बड़े मुकाबले से पहले जनता के मूड का संकेत माना जा रहा है।
संगम विहार में कांग्रेस की धमाकेदार एंट्री
संगम विहार सीट पर कांग्रेस के सुरेश चौधरी ने 12,766 वोट हासिल कर शानदार जीत दर्ज की। इस सीट पर काफी समय बाद कांग्रेस को मिली यह सफलता पार्टी के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। यहां बीजेपी के सुभ्रजीत गौतम 9,138 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहे।
दक्षिण पुरी वार्ड में AAP ने अपनी पकड़ बरकरार रखी और राम स्वरूप कनौजिया ने 12,372 वोट प्राप्त कर जीत अपने नाम की। बीजेपी उम्मीदवार रोहिणी को 10,110 वोट मिले। यह नतीजा दक्षिणी दिल्ली में AAP के जनाधार की मजबूती का संकेत माना जा रहा है।
चांदनी चौक, दिचाऊं कलां और शालीमार बाग में BJP का परचम
पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक वार्ड में एक बार फिर बीजेपी ने जीत दर्ज की। यहां उम्मीदवार सुमन गौर गुप्ता ने 7,825 वोट लेकर जीत सुनिश्चित की, जबकि AAP के हर्ष शर्मा 6,643 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
दिचाऊं कलां वार्ड में बीजेपी की रेखा रानी ने 5,637 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
उत्तरी दिल्ली के शालीमार बाग वार्ड में बीजेपी को इस चुनाव की सबसे बड़ी जीत मिली, जहां अनीता जैन ने 16,843 वोट हासिल किए। AAP की बबीता राणा 6,742 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहीं। यह सीट बीजेपी के लिए मानसिक बढ़त साबित हुई है क्योंकि इस क्षेत्र में मुकाबला लंबे समय से कड़ा रहा है।
AIFB की मौजूदगी और विनोद नगर का त्रिकोणीय मुकाबला चर्चा का केंद्र
दिल्ली की राजनीति आमतौर पर AAP और बीजेपी के इर्द-गिर्द घूमती है, लेकिन इस चुनाव में ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB) ने भी एक वार्ड में अच्छी शुरुआत कर सबका ध्यान खींचा। यह नतीजा इस बात का संकेत है कि कुछ इलाकों में स्थानीय मुद्दे और उम्मीदवार की व्यक्तिगत पहचान भी बड़ा असर डालते हैं।
विनोद नगर इस उपचुनाव का सबसे दिलचस्प मुकाबला रहा, जहां बीजेपी की सरला चौधरी, AAP की गीता रावत और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच त्रिकोणीय लड़ाई देखने को मिली। यहां मतदान 36.47% ही रहा, जिसके कारण अंतिम नतीजों में उतार-चढ़ाव बना रहा। यह सीट दक्षिण और पूर्वी दिल्ली दोनों दलों के लिए राजनीतिक भविष्य की दिशा तय कर सकती है।
