कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आने के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पद से इस्तीफा देकर सभी राजनीतिक अटकलों पर विराम लगा दिया। इस्तीफा देने के बाद उनका पहला बयान सामने आया, जिसमें वे भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान ने जो निर्णय लिया, उन्होंने उसका पालन किया है और संविधान के अनुसार ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। राज्यपाल के राज्य से बाहर होने के कारण इस्तीफा उनके सचिव को सौंपा गया। इस घटनाक्रम के बाद कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन की औपचारिक प्रक्रिया लगभग पूरी मानी जा रही है।
“मैं हाईकमान का आभारी हूं…” सिद्धारमैया ने जताया धन्यवाद
सिद्धारमैया ने अपने लंबे राजनीतिक सफर को याद करते हुए कांग्रेस नेतृत्व का आभार जताया। उन्होंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे का विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि 2006 में कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्हें जो अवसर मिले, वे उनके राजनीतिक जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहे। सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने दो बार मुख्यमंत्री और दो बार विपक्ष के नेता के रूप में कर्नाटक की सेवा की, यह उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने हमेशा संविधान के सिद्धांतों का पालन करते हुए कार्य करने की कोशिश की है।
“7 करोड़ लोगों की सेवा का अवसर मिला”
अपने संबोधन में सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें कर्नाटक के लगभग 7 करोड़ लोगों की सेवा करने का अवसर मिला, जो उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि राजनीति में कई बार गलत जानकारी भी फैलाई गई, लेकिन उनकी सरकार ने जनता के कल्याण के लिए काम किया। उन्होंने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस की योजनाओं को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश की गई, जबकि वास्तविकता इससे अलग थी। सिद्धारमैया ने दावा किया कि उनकी सरकार जनता के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लेती रही।
सत्ता परिवर्तन का रास्ता साफ, नए नेतृत्व की तैयारी तेज
सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद अब कर्नाटक में नए मुख्यमंत्री के तौर पर डीके शिवकुमार के नाम की चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी के अंदर लंबे समय से चल रही नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बदलाव पार्टी की अंदरूनी सहमति और हाईकमान के फैसले के बाद हुआ है। सिद्धारमैया ने भी साफ किया कि उन्हें जब भी निर्देश मिला, उन्होंने उसे स्वीकार किया। अब सभी की नजर इस बात पर है कि डीके शिवकुमार कब आधिकारिक रूप से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते हैं और नई सरकार की रूपरेखा कैसी होगी।
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