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चुनाव के बीच अचानक बड़ा फैसला! बीजेपी विधायक को मिली अहम जिम्मेदारी, राजनीतिक में हलचल तेज

पश्चिम बंगाल चुनाव के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। बीजेपी विधायक और अर्थशास्त्री अशोक लाहिड़ी को नीति आयोग का नया उपाध्यक्ष बनाया गया है। जानिए पूरी जानकारी और राजनीतिक मायने।

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देश की नीति बनाने वाली संस्था नीति आयोग में एक बड़ा बदलाव किया गया है। केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए पश्चिम बंगाल के बीजेपी विधायक और प्रसिद्ध अर्थशास्त्री अशोक कुमार लाहिड़ी को नया उपाध्यक्ष नियुक्त करने का निर्णय लिया है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब देश के कई हिस्सों में राजनीतिक माहौल गर्म है और पश्चिम बंगाल में भी चुनावी गतिविधियां तेज हैं। इस फैसले के बाद नीति आयोग के मौजूदा उपाध्यक्ष सुमन बेरी की जगह अब अशोक लाहिड़ी यह जिम्मेदारी संभालेंगे। सुमन बेरी ने मई 2022 से इस पद को संभाला हुआ था। सरकार के इस निर्णय को आर्थिक नीति और प्रशासनिक अनुभव से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस खबर के सामने आते ही राजनीतिक और आर्थिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।

कौन हैं अशोक लाहिड़ी?

अशोक कुमार लाहिड़ी केवल एक नेता नहीं बल्कि एक अनुभवी अर्थशास्त्री भी हैं। वे फिलहाल पश्चिम बंगाल के बालुरघाट विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के विधायक हैं। हालांकि उन्होंने इस बार चुनाव न लड़ने का फैसला लिया है, जिससे वे नीति आयोग की जिम्मेदारी पर अधिक ध्यान दे सकें। लाहिड़ी का अनुभव काफी लंबा और मजबूत रहा है। वे भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार भी रह चुके हैं। यह जिम्मेदारी उन्हें साल 2002 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के समय मिली थी। उन्होंने इस पद पर कई वर्षों तक काम किया और बाद में भी अलग-अलग सरकारों के साथ आर्थिक नीतियों में योगदान दिया।

उनकी शिक्षा कोलकाता की प्रसिद्ध प्रेसीडेंसी यूनिवर्सिटी से हुई है। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स और कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में भी काम किया है। वे वर्ल्ड बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष जैसे बड़े संस्थानों से भी जुड़े रहे हैं। इससे साफ है कि उनका अनुभव केवल भारत तक सीमित नहीं बल्कि वैश्विक स्तर का भी है।

राजनीतिक हलचल के बीच बड़ा फैसला

इस नियुक्ति को सिर्फ एक प्रशासनिक बदलाव नहीं बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल में बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस के बीच पहले से ही कड़ा मुकाबला चल रहा है। ऐसे समय में बीजेपी विधायक को नीति आयोग जैसे बड़े पद पर नियुक्त करना कई तरह के सवाल और चर्चाएं पैदा कर रहा है। यह फैसला सरकार की आर्थिक टीम को मजबूत करने के लिए लिया गया है। वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक रणनीति के तौर पर भी देख रहा है। हालांकि सरकार का कहना है कि यह पूरी तरह योग्यता और अनुभव के आधार पर लिया गया निर्णय है।

नीति आयोग में एक और नाम की चर्चा

इस बदलाव के साथ ही एक और नाम भी चर्चा में है। वैज्ञानिक गोबरधन दास को नीति आयोग का नया सदस्य बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। वे पहले जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में इम्यूनोलॉजी के क्षेत्र में काम कर चुके हैं और बाद में IISER भोपाल के डायरेक्टर भी रहे हैं। गोबरधन दास का संबंध भी बीजेपी से जुड़ा बताया जाता है। वे 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पूरबस्थली उत्तर सीट से चुनाव लड़ चुके हैं, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अगर उनकी नियुक्ति होती है, तो नीति आयोग में वैज्ञानिक और तकनीकी सोच को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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