उत्तर प्रदेश की राजनीति और सामाजिक हलकों में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव के नाम से एक इंस्टाग्राम पोस्ट सामने आई। इस पोस्ट में प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी और उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव से तलाक लेने की बात लिखी थी। पोस्ट के शब्द बेहद तीखे और भावनात्मक थे, जिनमें अपर्णा यादव पर परिवार के रिश्ते खराब करने, सिर्फ नाम और प्रभाव बढ़ाने की चिंता करने और मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे। पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर यह तेजी से वायरल हो गई और लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कई यूजर्स ने इसे निजी मामला बताते हुए टिप्पणी करने से बचने की बात कही, तो कुछ लोगों ने इसे राजनीति से जोड़कर भी देखना शुरू कर दिया।
पोस्ट की भाषा पर उठे सवाल
इंस्टाग्राम पर डाली गई इस पोस्ट की भाषा और शब्दों को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे। पोस्ट में जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया गया, उसने लोगों को चौंका दिया। आमतौर पर सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोग इस तरह की निजी बातों को सोशल मीडिया पर खुलकर साझा करने से बचते हैं। यही वजह रही कि पोस्ट सामने आते ही कई लोगों ने इसकी सच्चाई पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। पोस्ट के अनुसार, प्रतीक यादव ने लिखा कि उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उन्हें अपर्णा यादव से कोई सहानुभूति नहीं मिल रही। इस बयान ने मामला और भी संवेदनशील बना दिया। देखते ही देखते यह मुद्दा सिर्फ पारिवारिक विवाद न रहकर एक बड़ा सोशल और राजनीतिक विषय बन गया, जिस पर हर कोई अपनी राय रखने लगा।
अपर्णा के भाई का दावा: अकाउंट हैक हुआ
इस पूरे मामले में बड़ा मोड़ तब आया, जब अपर्णा यादव के भाई अमन बिष्ट ने सामने आकर इस पोस्ट को पूरी तरह से फर्जी बताया। अमन बिष्ट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रतीक यादव इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर ही नहीं सकते। उनका साफ कहना है कि यह इंस्टाग्राम अकाउंट हैक किया गया है और किसी ने जानबूझकर इस तरह की पोस्ट डालकर विवाद खड़ा करने की कोशिश की है। अमन बिष्ट के मुताबिक, जैसे ही उन्हें इस पोस्ट की जानकारी मिली, तुरंत इसकी शिकायत कर दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि तकनीकी प्रक्रिया के तहत पोस्ट हटाने में कुछ समय लग सकता है और अनुमान है कि लगभग छह घंटे के भीतर यह पोस्ट हट जाएगी। अमन बिष्ट ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और बिना पुष्टि के किसी नतीजे पर न पहुंचें।
राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा
यह मामला सिर्फ एक पारिवारिक विवाद तक सीमित नहीं रहा। अपर्णा यादव के राजनीतिक और सामाजिक कद को देखते हुए यह खबर तेजी से फैल गई। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सोशल मीडिया के इस दौर में अकाउंट हैक होना कोई नई बात नहीं है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों के लिए यह बेहद संवेदनशील मुद्दा बन जाता है। वहीं कुछ लोग इस घटना को निजी जीवन में दखल के तौर पर भी देख रहे हैं। फिलहाल प्रतीक यादव या अपर्णा यादव की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिससे स्थिति और भी असमंजस भरी बनी हुई है। जब तक इस पोस्ट की सच्चाई पूरी तरह सामने नहीं आ जाती, तब तक यह मामला चर्चा में बना रहने वाला है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच के बाद क्या सच सामने आता है और क्या वाकई यह पोस्ट अकाउंट हैकिंग का नतीजा थी या इसके पीछे कोई और वजह।
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