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फोन बंद, सुनसान रास्ता और मदद को कोई नहीं आया… खाई में रातभर तड़पते रहे दो छात्र, सुबह मिला शव

नागपुर में MNLU के दो छात्रों की दर्दनाक मौत, बाइक फिसलने से खाई में गिरे और रातभर तड़पते रहे। फोन बंद होने से नहीं मिल सकी मदद।

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महाराष्ट्र के Nagpur से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। महाराष्ट्र नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी Maharashtra National Law University के दो छात्रों की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों छात्र रात के समय एक सुनसान और कच्चे रास्ते से लौट रहे थे, तभी उनकी बाइक फिसल गई और वे गहरी खाई में जा गिरे। हादसे के बाद दोनों घंटों तक वहीं पड़े रहे, लेकिन मदद के लिए कोई नहीं पहुंच सका। अंधेरा, सुनसान इलाका और संपर्क का कोई साधन न होने के कारण उनकी जान नहीं बच पाई।

फोन बंद होने से नहीं मिल सकी मदद, रातभर तड़पते रहे छात्र

जानकारी के मुताबिक, दोनों छात्र—सक्षम बंसोड और आर्यन सोनटक्के—बुधवार रात खाना खाने के लिए बाहर गए थे। लौटते वक्त उन्होंने यूनिवर्सिटी के पीछे का एक कच्चा और कम इस्तेमाल होने वाला रास्ता चुना, जो काफी खतरनाक माना जाता है। इसी दौरान उनकी बाइक अचानक फिसल गई और वे सीधे खाई में जा गिरे। हादसे के बाद वे मदद के लिए किसी को कॉल भी नहीं कर सके, क्योंकि एक छात्र का फोन होटल में छूट गया था और दूसरे का मोबाइल बंद हो चुका था। ऐसे में वे पूरी रात उसी खाई में फंसे रहे और दर्द से तड़पते हुए जिंदगी की जंग हार गए।

सुबह राहगीर ने देखा मंजर, तब खुला हादसे का राज

जब दोनों छात्र रातभर हॉस्टल नहीं लौटे, तो उनके दोस्तों और यूनिवर्सिटी प्रशासन को चिंता हुई और उनकी तलाश शुरू की गई। गुरुवार सुबह एक राहगीर की नजर खाई में पड़ी, जहां उसे दोनों छात्रों के शव दिखाई दिए। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों को बाहर निकाला और जांच शुरू कर दी। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि हादसा बाइक के फिसलने से हुआ और समय पर इलाज न मिलने के कारण दोनों की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु का केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

हादसे ने उठाए सुरक्षा पर सवाल, छात्रों में शोक की लहर

इस दुखद घटना के बाद यूनिवर्सिटी परिसर और छात्रों के बीच शोक का माहौल है। दोनों मृतक छात्र पढ़ाई में अच्छे बताए जा रहे थे और उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इस हादसे ने एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और सुनसान रास्तों पर यात्रा करने के खतरे को उजागर कर दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे इलाकों में पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा इंतजाम होने चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। यह हादसा एक चेतावनी भी है कि छोटी सी लापरवाही या जोखिम भरा रास्ता कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकता है।

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