पश्चिम बंगाल की राजनीति इन दिनों गरमा गई है, जहां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath लगातार चुनावी रैलियों के जरिए माहौल बना रहे हैं। कोलकाता के जोरासांको इलाके में आयोजित रैली में उन्होंने न सिर्फ ममता बनर्जी पर तीखे हमले किए, बल्कि बंगाल की सांस्कृतिक पहचान का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। उन्होंने कहा कि यह वही स्थान है, जहां Rabindranath Tagore का ऐतिहासिक ठाकुरबाड़ी स्थित है, जो पूरे देश के लिए गौरव का प्रतीक है। योगी ने आरोप लगाया कि इस विरासत स्थल पर राजनीतिक हस्तक्षेप कर उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाई गई है, जिसे उन्होंने “भारतीयता का अपमान” बताया।
टीएमसी पर हमला और ‘बुलडोजर’ की चर्चा
रैली के दौरान योगी आदित्यनाथ ने Mamata Banerjee और उनकी पार्टी Trinamool Congress पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि टीएमसी का मतलब “टेरर, माफिया और करप्शन” बन चुका है। इसी बीच रैली में मौजूद एक बच्चे द्वारा “बुलडोजर चलाने” की मांग ने माहौल को और ज्यादा गर्म कर दिया, जो चर्चा का बड़ा विषय बन गया। योगी ने इस प्रतीक को कानून-व्यवस्था से जोड़ते हुए कहा कि बंगाल को अराजकता से बाहर निकालने के लिए सख्त कदम जरूरी हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में आम लोग और व्यापारी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।
बंगाल की अर्थव्यवस्था और रोजगार पर सवाल
अपने भाषण में योगी ने बंगाल की आर्थिक स्थिति पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक समय था जब पूरे देश से लोग रोजगार और शिक्षा के लिए बंगाल आते थे, लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। उनके मुताबिक, पिछले एक दशक में हजारों उद्योग बंद हो गए और लाखों युवाओं को बेरोजगारी का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले कांग्रेस और फिर वामपंथी सरकारों ने राज्य को कमजोर किया, और अब टीएमसी शासन में स्थिति और बिगड़ गई है। योगी ने “डबल इंजन सरकार” की जरूरत बताते हुए कहा कि इससे विकास को गति मिल सकती है।
धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर भी तीखा बयान
योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि बंगाल की पहचान मां काली की भूमि के रूप में रही है और इसे किसी भी तरह से बदलने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक आयोजनों पर पाबंदियां लगाई जाती हैं और परंपराओं के साथ भेदभाव होता है। इसके साथ ही उन्होंने कानून-व्यवस्था, गोहत्या और कथित “गुंडा टैक्स” जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए राज्य सरकार को घेरा। इन बयानों के बाद बंगाल की राजनीति में बयानबाजी और तेज होने के आसार हैं।
