अतीक अहमद के परिवार के लिए एक बार फिर से दुखद और तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई है। अतीक के छोटे बेटे अबान अहमद की एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई है, और आज यानी शुक्रवार, 7 अगस्त को उसे सुपुर्द-ए-खाक किया जाना है। इस बीच, हर किसी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जेल में बंद उसके दोनों भाई इस अंतिम विदाई में शामिल हो सकेंगे या नहीं।
पैरोल के लिए कोर्ट में लगाई गई अर्जी
अबान अहमद के निधन के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा हुआ है। इस बीच, कानूनी शिकंजे में फंसे उसके दो भाई, अली अहमद और उमर अहमद, जो इस समय अलग-अलग जेलों में बंद हैं, ने अपने छोटे भाई के जनाजे और दफन की प्रक्रिया में शामिल होने के लिए पैरोल की मांग की है। परिवार के वकीलों और करीबियों द्वारा दोनों भाइयों की तरफ से पैरोल की अर्जियां संबंधित अधिकारियों और अदालतों के सामने दाखिल कर दी गई हैं, ताकि वे इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े हो सकें।
दोपहर 12 बजे तक आ सकता है बड़ा फैसला
जेल में बंद दोनों भाइयों की पैरोल अर्जी पर आज दोपहर 12.00 बजे तक सुनवाई होने की पूरी संभावना है। प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर इस संवेदनशील मामले को लेकर तेजी से विचार-विमर्श किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था और कानूनी नियमों को ध्यान में रखते हुए यह तय किया जाएगा कि अली और उमर को पुलिस कस्टडी में या विशेष अनुमति के साथ अबान के जनाजे में शामिल होने की इजाजत दी जाती है या नहीं। कुछ ही घंटों में यह साफ हो जाएगा कि दोनों भाई अपने भाई को आखिरी विदाई दे पाएंगे या नहीं।
सड़क हादसे में हुई थी अबान की अचानक मौत
गौरतलब है कि अतीक अहमद का छोटा बेटा अबान अहमद कुछ दिन पहले एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गया था। इस दुर्घटना में उसे गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस कम उम्र में अचानक हुए इस हादसे ने परिवार के बचे हुए सदस्यों को अंदर से झकझोर कर रख दिया है। अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद से यह परिवार पहले ही कई कानूनी और मानसिक लड़ाइयों से गुजर रहा था, और अब इस नए हादसे ने उनके दुखों को और ज्यादा बढ़ा दिया है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच होगी सुपुर्द-ए-खाक की प्रक्रिया
आज दोपहर अबान अहमद के पार्थिव शरीर को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इस अंतिम संस्कार के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस पूरी तरह से सतर्क नजर आ रही है। संवेदनशील माहौल को देखते हुए कब्रिस्तान और उसके आसपास भारी पुलिस बल तैनात किए जाने की संभावना है। अब सभी की नजरें दोपहर 12 बजे आने वाले उस फैसले पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि जेल में बंद अली और उमर अपने भाई के जनाजे में शामिल हो पाते हैं या नहीं।
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