उत्तर प्रदेश के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में मौत की सजा पाने वाली मुस्कान अब अदालत के फैसले को चुनौती देने की तैयारी में है। जिला अदालत से फांसी की सजा मिलने के बाद मुस्कान ने हाईकोर्ट में अपील करने की इच्छा जताई है। इसके लिए उसने जेल प्रशासन से सरकारी वकील उपलब्ध कराने की मांग की है। जेल प्रशासन ने इस संबंध में स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी को पत्र लिखा है। अब सरकारी वकील मिलने के बाद अपील की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। इस मामले में हर नए घटनाक्रम पर लोगों की नजर बनी हुई है।
जेल से ही हाईकोर्ट जाने की तैयारी, सरकारी वकील की मांग
वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा के मुताबिक, मुस्कान ने जेल में रहते हुए अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करने की बात कही है। उसकी इस मांग को देखते हुए सरकारी वकील उपलब्ध कराने के लिए संबंधित प्राधिकरण को पत्र भेजा गया है। जेल प्रशासन के अनुसार, मुस्कान ने अभी तक अपने परिजनों को कोई पत्र नहीं लिखा है। फिलहाल सरकारी वकील उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। इसके बाद कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर अपील दाखिल करने की कार्रवाई आगे बढ़ाई जा सकती है। हालांकि, अपील दाखिल होने और उस पर सुनवाई की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही आगे की जानकारी सामने आएगी।
क्या था सौरभ राजपूत हत्याकांड?
मेरठ का सौरभ राजपूत हत्याकांड उस समय सुर्खियों में आया था, जब हत्या के बाद शव को नीले ड्रम में छिपाने का मामला सामने आया। इस मामले में मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। अभियोजन के अनुसार, सौरभ की हत्या की साजिश रचने और शव को ठिकाने लगाने में दोनों की भूमिका थी। शव को नीले ड्रम में रखकर सीमेंट से ढकने की घटना ने मामले को देशभर में चर्चा का विषय बना दिया था। अब मुस्कान की ओर से फैसले को चुनौती देने की तैयारी के बाद कानूनी प्रक्रिया का अगला चरण अहम हो गया है।
अपील के बाद क्या होगा? न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी नजरें
कानून के तहत मौत की सजा पाने वाले दोषी को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऊपरी अदालत में फैसले को चुनौती देने का अधिकार है। मुस्कान की अपील पर आगे क्या कार्रवाई होगी, यह संबंधित अदालत की प्रक्रिया और कानूनी दलीलों पर निर्भर करेगा। सरकारी वकील मिलने के बाद अपील तैयार करने और दाखिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। फिलहाल यह मामला कानूनी रूप से नए चरण में प्रवेश करने की तैयारी में है। अब देखना होगा कि अपील कब दाखिल होती है और हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या दलीलें रखी जाती हैं। अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।
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