Homeदेश"24 घंटे...": जेल से बाहर आते ही अभिजीत दीपके का छलका दर्द,...

“24 घंटे…”: जेल से बाहर आते ही अभिजीत दीपके का छलका दर्द, जमानत के बाद पहली प्रतिक्रिया

तिरंगा मार्च से पहले गिरफ्तार हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को सशर्त जमानत मिल गई है। जेल से बाहर आते ही उन्होंने सोशल मीडिया पर मजेदार अंदाज में अपना अनुभव शेयर किया।

-

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को तिरंगा मार्च से ठीक पहले दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लेने और फिर गिरफ्तार किए जाने का मामला इन दिनों सुर्खियों में बना हुआ है। हालांकि, अब उन्हें कुछ शर्तों के आधार पर जमानत मिल गई है और वह कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जेल से बाहर आ चुके हैं। जेल की दीवारों के पीछे 24 घंटे का समय बिताने के बाद बाहर आए अभिजीत दीपके ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक दिलचस्प अंदाज में अपनी प्रतिक्रिया साझा की है। उन्होंने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान की एक तस्वीर शेयर करते हुए मजाकिया और तंज भरे लहजे में लिखा कि बिना वाईफाई और फोन के 24 घंटे जेल में बिताने के बाद बाहर आने पर कैसा महसूस होता है। उनके इस अनूठे रिएक्शन ने सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

शांति समझौते की शर्तों पर मिली सशर्त जमानत

दिल्ली पुलिस के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अभिजीत दीपके को बिना किसी बड़ी कानूनी बाधा के सशर्त जमानत दे दी गई है। हालांकि, इस राहत के पीछे कुछ नियम और शर्तें भी जुड़ी हुई हैं। जमानत पाने के लिए उन्हें शांति बनाए रखने और भविष्य में कानून-व्यवस्था का पालन करने से जुड़े एक समझौते पर हस्ताक्षर करने पड़े हैं। शनिवार को औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर आने के बाद सीजेपी संस्थापक सीधे राष्ट्रीय कम्युनिस्ट पार्टी (एसपी) के प्रवक्ता अनीश गावंडे के आवास पर पहुंचे, जहां उनके समर्थकों और सहयोगियों ने उनका स्वागत किया।

- Advertisement -

संगठन के नेताओं की प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति

जब मीडिया ने अभिजीत दीपके की जमानत और शांति समझौते से जुड़ी शर्तों के बारे में उनके सहयोगियों से सवाल किया, तो स्थिति स्पष्ट करने के लिए सीजेपी के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्या शिंदे आगे आए। उन्होंने अनौपचारिक बातचीत में बताया कि इन तमाम शर्तों और कानूनी प्रक्रियाओं के बारे में खुद अभिजीत दीपके ही विस्तार से जानकारी देंगे। संगठन के भीतर इस गिरफ्तारी को लेकर सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ तीखा रोष देखा जा रहा है। नेताओं का मानना है कि तिरंगा मार्च जैसे शांतिपूर्ण आयोजनों से पहले इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है, जिस पर पार्टी आने वाले दिनों में अपनी आगे की राजनीतिक और कानूनी रणनीति तय करेगी।

क्या था पूरा मामला और आगे क्या होगा?

यह पूरा घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा एक तिरंगा मार्च का आयोजन किया जाना था। इस मार्च से पहले ही दिल्ली पुलिस ने एहतियाती कदम उठाते हुए अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया और बाद में औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का यह कदम कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिहाज से उठाया गया था। अब जबकि उन्हें शांति समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के बाद रिहा कर दिया गया है, यह देखना दिलचस्प होगा कि सीजेपी इस कानूनी पेचीदगी और गिरफ्तारी के बाद अपने राजनीतिक कार्यक्रमों को किस तरह आगे बढ़ाती है। इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर से राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों और पुलिसिया कार्रवाई के बीच के संतुलन पर बहस छेड़ दी है।

Read more-कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके रिहा, विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट अदालत ने दी जमानत

- Advertisement -

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest posts