गाजियाबाद में 17 वर्षीय सूर्या हत्याकांड का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। अब इस घटना को लेकर बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान सामने आया है, जिसने नई बहस छेड़ दी है। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि देश में पहले लव जिहाद, लैंड जिहाद और अन्य तरह के जिहाद की चर्चा होती रही है, लेकिन अब एक नया शब्द सामने आया है, जिसे उन्होंने “फ्रेंड जिहाद” का नाम दिया। उनका कहना था कि गाजियाबाद की घटना इसी श्रेणी का मामला है। धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा तेज हो गई है।
हिंदू एकता और धर्मांतरण पर भी रखी अपनी बात
अपने संबोधन में धीरेंद्र शास्त्री ने केवल सूर्या हत्याकांड ही नहीं, बल्कि धर्मांतरण और हिंदू समाज से जुड़े कई मुद्दों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि देश के कई हिस्सों में धर्मांतरण और लव जिहाद जैसे मामलों को लेकर चिंता जताई जा रही है। उन्होंने हिंदू समाज से एकजुट रहने की अपील करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से मजबूत लोगों को जरूरतमंद हिंदुओं की मदद करनी चाहिए। उनका मानना है कि समाज में एक-दूसरे का सहयोग बढ़ेगा तो कई सामाजिक समस्याओं का समाधान निकलेगा। उन्होंने युवाओं को भी समाज और संस्कृति से जुड़ने का संदेश दिया और कहा कि सभी को जाति-पाति से ऊपर उठकर एकता को मजबूत करने की दिशा में काम करना चाहिए।
अंधविश्वास और आस्था पर भी दी प्रतिक्रिया
धीरेंद्र शास्त्री ने अपने ऊपर लगने वाले अंधविश्वास फैलाने के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वे हमेशा लोगों को भगवान और धार्मिक आस्था से जोड़ने की बात करते हैं। उनके अनुसार मंदिर जाना, धार्मिक पाठ करना या सामूहिक प्रार्थना में शामिल होना आस्था का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि किसी एक धर्म या परंपरा की धार्मिक गतिविधियों को अंधविश्वास कहना उचित नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने युवाओं में बढ़ते नशे को भी गंभीर समस्या बताया। उनका कहना था कि नशे की लत समाज और परिवार दोनों के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और सकारात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेने की अपील की।
कांग्रेस ने जताई आपत्ति, बयान पर बढ़ी राजनीति
धीरेंद्र शास्त्री के “फ्रेंड जिहाद” वाले बयान पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने कहा कि किसी भी अपराध को धार्मिक नजरिए से देखने के बजाय कानून और तथ्यों के आधार पर जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग धार्मिक मंचों का इस्तेमाल राजनीतिक एजेंडा चलाने के लिए कर रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि गाजियाबाद की घटना दुखद है और दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए, लेकिन ऐसे मामलों को नए नाम देकर समाज में भ्रम फैलाना सही नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि बेरोजगारी और नशे जैसी समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। धीरेंद्र शास्त्री के बयान और कांग्रेस की प्रतिक्रिया के बाद यह मुद्दा अब सामाजिक और राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।
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