तमिलनाडु की राजनीति में लंबे समय से जिस पल का इंतजार किया जा रहा था, वह आखिरकार आ गया। अभिनेता से नेता बने थलापति विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही अपने तेवर साफ कर दिए। सत्ता संभालने के कुछ ही घंटों के भीतर उन्होंने ऐसे फैसलों का ऐलान कर दिया, जिसने पूरे राज्य का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। विजय ने साफ संकेत दे दिए कि उनकी सरकार जनता से जुड़े मुद्दों पर तेजी से काम करने वाली है। सबसे बड़ा ऐलान घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का रहा। इस फैसले को सीधे मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों को राहत देने वाला कदम माना जा रहा है। राजनीतिक गलियारों में भी इस घोषणा के बाद हलचल तेज हो गई है। विपक्ष इसे चुनावी वादा पूरा करने की जल्दबाजी बता रहा है, जबकि समर्थक इसे जनता के भरोसे का सम्मान कह रहे हैं।
200 यूनिट फ्री बिजली से लाखों परिवारों को राहत
मुख्यमंत्री बनने के तुरंत बाद विजय सरकार ने बिजली बिल को लेकर बड़ा फैसला लिया। सरकार ने घोषणा की कि राज्य के घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जाएगी। माना जा रहा है कि इससे लाखों परिवारों को सीधे राहत मिलेगी। तमिलनाडु में पहले से ही महंगाई और बढ़ते घरेलू खर्च को लेकर लोगों में चिंता थी। ऐसे में मुफ्त बिजली योजना आम लोगों के लिए बड़ी राहत बन सकती है। सरकार का कहना है कि इस योजना का फायदा गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर मिलेगा। ऊर्जा विभाग को इस फैसले को लागू करने के निर्देश भी दे दिए गए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजय ने अपने पहले फैसले से यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनकी सरकार जनता के दैनिक जीवन से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देगी। सोशल मीडिया पर भी इस फैसले को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनेगा नया सुरक्षा मिशन
विजय सरकार का दूसरा बड़ा फैसला महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सामने आया। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध रोकने के लिए विशेष सुरक्षा मिशन शुरू किया जाएगा। इसके तहत पुलिस विभाग में अलग मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया जाएगा, जो महिलाओं से जुड़े मामलों पर तेजी से कार्रवाई करेगा। सरकार ने यह भी कहा कि सार्वजनिक स्थानों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और स्कूल-कॉलेज के आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी। महिलाओं की शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए हेल्पलाइन और विशेष टीमों का गठन भी किया जाएगा। विजय ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी महिला को डर के माहौल में जीने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। सरकार का उद्देश्य ऐसा सुरक्षित वातावरण तैयार करना है, जहां महिलाएं बिना भय के अपने काम कर सकें। इस फैसले के बाद महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार के कदम का स्वागत किया है।
ड्रग्स के खिलाफ स्पेशल फोर्स बनाकर दिया सख्त संदेश
मुख्यमंत्री विजय ने अपने तीसरे बड़े फैसले में राज्य में बढ़ते ड्रग्स नेटवर्क पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने ड्रग्स माफिया और नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स के गठन का ऐलान किया। सरकार का कहना है कि यह फोर्स पुलिस, नारकोटिक्स विभाग और इंटेलिजेंस एजेंसियों के साथ मिलकर काम करेगी। खास तौर पर स्कूल और कॉलेजों के आसपास फैल रहे नशे के नेटवर्क पर कार्रवाई की जाएगी। विजय ने कहा कि युवाओं का भविष्य बचाना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और किसी भी कीमत पर ड्रग्स माफिया को बख्शा नहीं जाएगा। इस फैसले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय अपने पहले दिन से ही कानून-व्यवस्था और सामाजिक मुद्दों पर सख्त छवि बनाना चाहते हैं। अब पूरे देश की नजर इस बात पर टिकी है कि विजय सरकार अपने इन बड़े वादों को जमीन पर कितनी तेजी से उतार पाती है।
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