मिर्जापुर/अमेरिका: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से जुड़ा एक मामला इस समय लोगों को हैरान कर रहा है। मर्चेंट नेवी में तैनात अधिकारी मनीष द्विवेदी अमेरिका के पेनसिलवेनिया पोर्ट से अचानक लापता हो गए हैं। परिवार को आखिरी बार 7 मई को उनका फोन आया था। इसके बाद जहाज प्रबंधन की ओर से सूचना दी गई कि मनीष जहाज से गायब हैं और उनका कोई पता नहीं चल पा रहा है। इस खबर के सामने आने के बाद परिवार में चिंता और बेचैनी का माहौल है। गांव से लेकर शहर तक हर कोई यही जानना चाहता है कि आखिर मनीष अचानक कहां चले गए। परिवार का कहना है कि मनीष लंबे समय से मर्चेंट नेवी में नौकरी कर रहे थे और पहले कभी ऐसी स्थिति नहीं बनी। घटना के बाद परिजन लगातार कंपनी और अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।
आखिरी कॉल के बाद बढ़ा रहस्य
परिवार के मुताबिक मनीष द्विवेदी “सिफ्नोस लेडी” नाम के जहाज पर सेकंड ऑफिसर के पद पर तैनात थे। जहाज अमेरिका के पेनसिलवेनिया स्थित मार्क्स हुक पोर्ट पर पहुंचा था। इसी दौरान 7 मई को मनीष ने अपने घर पर फोन कर परिवार से सामान्य बातचीत की थी। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि यह उनकी आखिरी बातचीत साबित होगी। अगले दिन परिवार को कंपनी की ओर से बताया गया कि मनीष जहाज पर मौजूद नहीं हैं और वह लापता हो गए हैं। इसके बाद से लगातार विरोधाभासी जानकारियां सामने आ रही हैं। कभी कहा गया कि उन्हें खोज लिया गया है, तो कभी बताया गया कि उनका अब तक कोई सुराग नहीं मिला। परिवार का आरोप है कि कंपनी साफ जानकारी देने से बच रही है। इसी कारण मामला और ज्यादा रहस्यमय बनता जा रहा है। गांव के लोगों का कहना है कि मनीष शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और बिना बताए कहीं चले जाना उनके व्यवहार में कभी नहीं रहा।
परिवार ने सरकार से लगाई मदद की गुहार
मामले के तूल पकड़ने के बाद मनीष के पिता संतोष कुमार द्विवेदी ने प्रशासन और सरकार से मदद मांगी है। उन्होंने मिर्जापुर पुलिस प्रशासन के साथ-साथ केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर को भी पत्र भेजा है। परिवार का कहना है कि उनका बेटा विदेश में है और वहां की स्थिति के बारे में उन्हें कोई सही जानकारी नहीं मिल पा रही। ऐसे में भारत सरकार को हस्तक्षेप कर जल्द से जल्द मनीष का पता लगाना चाहिए। परिवार के लोगों की आंखों से नींद गायब हो चुकी है। घर में हर समय फोन की घंटी बजने का इंतजार हो रहा है। मां का रो-रोकर बुरा हाल है जबकि रिश्तेदार लगातार ढांढस बंधाने में लगे हैं। स्थानीय लोगों ने भी सरकार से इस मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि विदेश में काम करने वाले भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
पुलिस और एजेंसियां जुटीं, लेकिन अब भी नहीं मिला सुराग
मिर्जापुर पुलिस का कहना है कि मामले की जानकारी संबंधित एजेंसियों और भारतीय दूतावास तक पहुंचा दी गई है। अधिकारियों के अनुसार अमेरिकी एजेंसियों से संपर्क किया जा रहा है ताकि मनीष की तलाश तेज की जा सके। परिवार का दावा है कि उन्हें यह भी बताया गया था कि मनीष को कुछ समय के लिए अमेरिकी पुलिस ने हिरासत में लिया था, लेकिन पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। हालांकि इस बात की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है। यही वजह है कि मामला लगातार उलझता जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी लोग मनीष की सुरक्षित वापसी की दुआ कर रहे हैं। मिर्जापुर के लोगों में इस घटना को लेकर गहरी चिंता है क्योंकि जिले का एक युवक हजारों किलोमीटर दूर रहस्यमय तरीके से गायब हो गया है। अब हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर मनीष कहां हैं और कब तक उनके बारे में कोई बड़ी जानकारी सामने आएगी।
