Sonam Wangchuk Hunger Strike: नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) का अनिश्चितकालीन अनशन अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के लिए लंबे समय से आवाज उठाने वाले वांगचुक का भूख हड़ताल गुरुवार को 19वें दिन में प्रवेश कर गया। लगातार उपवास की वजह से उनकी शारीरिक स्थिति कमजोर होती जा रही है, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया है कि फिलहाल उनका अनशन खत्म करने का कोई इरादा नहीं है। देर रात जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि उनकी तबीयत पहले जैसी नहीं है, लेकिन वह अभी भी अपने उद्देश्य के लिए पूरी मजबूती के साथ खड़े हैं। उनके इस बयान के बाद समर्थकों के बीच चिंता भी बढ़ी है और आंदोलन को लेकर चर्चा भी तेज हो गई है।
वजन में बड़ी गिरावट, डॉक्टर लगातार रख रहे नजर
सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की सेहत को लेकर जारी मेडिकल अपडेट में बताया गया है कि पिछले 19 दिनों के दौरान उनका वजन तेजी से कम हुआ है। अनशन शुरू होने के बाद अब तक उनका वजन लगभग 9 किलोग्राम घट चुका है। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल उनका वजन करीब 57 किलोग्राम रह गया है। मेडिकल टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है ताकि किसी भी तरह की गंभीर स्थिति से बचा जा सके। स्वास्थ्य जांच में उनका रक्तचाप, ऑक्सीजन स्तर और ब्लड शुगर सामान्य सीमा के भीतर बताया गया है, लेकिन लंबे समय तक भोजन न लेने की वजह से शरीर पर असर साफ दिखाई दे रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल वह पूरी तरह सचेत हैं और बातचीत करने की स्थिति में हैं, लेकिन लगातार गिरते वजन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
सरकार से बातचीत की मांग
सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) का इलाज देख रहे डॉक्टरों ने सरकार और आंदोलनकारियों के बीच संवाद की जरूरत पर जोर दिया है। डॉक्टरों का मानना है कि लंबे समय तक चलने वाला अनशन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। मेडिकल टीम ने अपील की है कि बातचीत के जरिए ऐसा समाधान निकाला जाए जिससे आंदोलन भी आगे बढ़े और वांगचुक की सेहत पर भी ज्यादा असर न पड़े। दूसरी ओर, वांगचुक के समर्थकों का कहना है कि उनका आंदोलन किसी व्यक्तिगत मांग के लिए नहीं बल्कि व्यापक जनहित के मुद्दों को लेकर है। यही वजह है कि स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बावजूद वह पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहे हैं। जंतर-मंतर पर रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर उनके समर्थन में आवाज उठा रहे हैं।
समर्थकों से की खास अपील
अपने वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) ने समर्थकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि उनसे अनशन खत्म करने की गुजारिश न की जाए। उन्होंने कहा कि यदि लोग वास्तव में उनके आंदोलन का समर्थन करना चाहते हैं तो 20 जुलाई को प्रस्तावित “चलो संसद” मार्च में शामिल होकर अपनी भागीदारी दर्ज कराएं। इस आंदोलन में कई छात्र संगठन भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। जानकारी के अनुसार कुछ छात्र नेता भी भूख हड़ताल पर बैठे हैं और उनका वजन भी लगातार कम हो रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल सबकी नजर 20 जुलाई पर टिकी हुई है, क्योंकि यह दिन आंदोलन की दिशा और आगे की रणनीति तय करने में अहम माना जा रहा है। वहीं, सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर समर्थकों और आम लोगों की चिंता लगातार बनी हुई है।
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