Varanasi Ganga Aarti News: बिहार के राज्यपाल सैय्यद अता हसनैन रविवार शाम अपनी पत्नी सबिहा हसनैन के साथ वाराणसी पहुंचे। यहां उन्होंने विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर होने वाली मां गंगा की दैनिक आरती में भाग लिया। दोनों ने पूरे श्रद्धा भाव के साथ मां गंगा की पूजा-अर्चना की और वैदिक मंत्रों के बीच आरती में हिस्सा लिया। आरती के दौरान घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या और भक्ति से भरा वातावरण देखने लायक था। राज्यपाल ने पूरे कार्यक्रम को शांत मन से देखा और धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए पूजा में शामिल हुए। उनके आगमन को लेकर प्रशासन ने पहले से सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं पूरी कर ली थीं।
शंखनाद ने छोड़ी गहरी छाप
गंगा आरती शुरू होने से पहले घाट पर लंबे समय तक शंखनाद किया गया। इसकी गूंज पूरे परिसर में सुनाई दी, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। राज्यपाल भी इस दृश्य और ध्वनि से काफी प्रभावित नजर आए। उन्होंने शंखनाद करने वाले रामजन्म योगी से मुलाकात की और उनके प्रयास की सराहना की। राज्यपाल ने कहा कि इतनी देर तक लगातार शंख बजाना आसान नहीं होता। यह केवल अभ्यास ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक साधना का भी हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की परंपराएं भारत की सांस्कृतिक विरासत को और मजबूत बनाती हैं।
गंगा आरती को बताया यादगार अनुभव
आरती समाप्त होने के बाद राज्यपाल ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि अब तक उन्होंने गंगा आरती के बारे में बहुत सुना था, लेकिन पहली बार इसे इतने करीब से देखने का अवसर मिला। उनके अनुसार यह अनुभव शब्दों में बयां करना आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि आरती के दौरान मिला आध्यात्मिक वातावरण मन को शांति देने वाला था। राज्यपाल ने विजिटर बुक में भी अपने विचार लिखे और मां गंगा का आशीर्वाद मिलने की बात कही। उनकी पत्नी सबिहा हसनैन ने भी पूरे श्रद्धा भाव से पूजा में हिस्सा लिया और इस धार्मिक आयोजन को बेहद विशेष बताया।
अयोध्या के बाद काशी पहुंचे राज्यपाल
उत्तर प्रदेश दौरे के दौरान वाराणसी पहुंचने से पहले बिहार के राज्यपाल अयोध्या भी गए थे, जहां उन्होंने राम मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद वे काशी पहुंचे और गंगा आरती में शामिल हुए। उनके दौरे को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और घाट पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए। राज्यपाल के इस धार्मिक दौरे को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गंगा आरती में उनकी मौजूदगी ने वहां आए श्रद्धालुओं का भी ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ और राज्यपाल अपने साथ काशी की आध्यात्मिक यादें लेकर लौटे।
