मध्य प्रदेश के दतिया जिले से 15 अगस्त की तैयारी के दौरान एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। स्कूल की छत पर झंडा लगाने गए 11वीं कक्षा के एक छात्र की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि छात्र लोहे के पाइप की मदद से झंडा लगाने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान पाइप ऊपर से गुजर रही 11 हजार केवी की बिजली लाइन के संपर्क में आ गया। करंट लगने से छात्र गंभीर रूप से झुलस गया और उसकी जान चली गई। घटना के बाद स्कूल परिसर में मातम छा गया। मृतक की पहचान राज कुशवाह के रूप में हुई है, जो जोनिया गांव का रहने वाला था।
छुट्टी के बाद छात्र को वापस बुलाने का आरोप
यह पूरा मामला दतिया के कोतवाली थाना क्षेत्र में छोटे फुब्बारे के पास स्थित लिटिल स्टार स्कूल का बताया जा रहा है। राज इसी स्कूल में कक्षा 11वीं में पढ़ता था। जानकारी के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले शुक्रवार को स्कूल में करीब दोपहर 1:30 बजे छुट्टी हो गई थी। छुट्टी के बाद राज अपने घर चला गया था। बताया गया है कि वह स्कूल संचालक के मकान में किराए पर रहता था। परिजनों का आरोप है कि छुट्टी के बाद स्कूल संचालक की ओर से छात्र को दोबारा स्कूल बुलाया गया। इसके बाद उसे स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के तहत स्कूल की छत पर झंडा लगाने के लिए भेजा गया। इसी दौरान यह हादसा हो गया।
लोहे का पाइप हाईटेंशन लाइन से छुआ और मच गया हादसा
बताया जा रहा है कि राज स्कूल की छत पर लोहे के पाइप की मदद से झंडा लगाने का प्रयास कर रहा था। स्कूल की छत के ठीक ऊपर से करीब 11 हजार केवी की हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही थी। झंडा लगाने के दौरान लोहे का पाइप बिजली की लाइन के संपर्क में आ गया। पाइप में करंट दौड़ते ही छात्र भी इसकी चपेट में आ गया। करंट लगने के बाद वह बुरी तरह झुलस गया। हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर ही उसकी हालत बिगड़ गई। घटना के बाद स्कूल में मौजूद लोगों के बीच हड़कंप मच गया। इस घटना ने स्कूलों की छतों और परिसर के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइनों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। साथ ही बच्चों से स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के दौरान इस तरह का काम करवाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्कूल प्रबंधन छात्र को अस्पताल लेकर पहुंचा, डॉक्टर ने मृत घोषित किया
हादसे के बाद स्कूल प्रबंधन की ओर से राज को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। छात्र की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद उन्हें तुरंत इसकी जानकारी नहीं दी गई और करीब एक घंटे बाद घटना के बारे में बताया गया। इसके बाद परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रशासन से मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। हादसे के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में भी शोक का माहौल है।
पुलिस ने शुरू की जांच, सामने आएंगे कई सवाल
कोतवाली थाना प्रभारी दिनेश राजपूत के मुताबिक, राज कुशवाह 11वीं कक्षा का छात्र था। उसे 15 अगस्त के कार्यक्रम की सजावट के लिए स्कूल बुलाया गया था। छत पर झंडा लगाने के दौरान वह हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब जांच में यह देखा जा रहा है कि छात्र को स्कूल वापस किसने बुलाया था, उसे छत पर झंडा लगाने की जिम्मेदारी किसने दी और हाईटेंशन लाइन के आसपास सुरक्षा के क्या इंतजाम थे। इसके अलावा परिजनों की ओर से लगाए गए देरी से सूचना देने के आरोप की भी जांच की जा सकती है। घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्कूल की छत के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के बावजूद छात्र को वहां झंडा लगाने की अनुमति कैसे दी गई। पुलिस जांच के बाद ही लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
