पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में लगातार नए दावे सामने आ रहे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्या की आरोपी सिया गोयल ने अपने मंगेतर केतन अग्रवाल से शादी की तैयारियों और खरीदारी का हवाला देकर करीब 1 करोड़ रुपये लिए थे। जांच में यह दावा किया जा रहा है कि इस रकम का इस्तेमाल शादी की तैयारियों में नहीं किया गया, बल्कि यह पैसा उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी को दे दिया गया। पुलिस का मानना है कि यह रकम चेतन की आर्थिक स्थिति मजबूत करने और दोनों के भविष्य की योजना का हिस्सा थी। हालांकि, इन दावों की पुष्टि अभी जांच और अदालत की प्रक्रिया के दौरान ही होगी।
तीन साल तक शादी न करने की बनाई थी योजना
जांच एजेंसियों के मुताबिक, सिया और चेतन ने कथित तौर पर पहले से पूरी रणनीति तैयार कर रखी थी। पुलिस का दावा है कि दोनों ने तय किया था कि घटना के बाद कम से कम तीन साल तक शादी नहीं करेंगे, ताकि किसी को उन पर शक न हो। इस दौरान चेतन अपने करियर और आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा और जब मामला शांत हो जाएगा, तब दोनों परिवार की सहमति से विवाह करेंगे। जांच अधिकारियों का कहना है कि इस कथित योजना का उद्देश्य शक से बचना और सामान्य जीवन का दिखावा करना था। पुलिस अब इस पूरे एंगल से जुड़े डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
हत्या से पहले फोन कॉल और इशारे की कहानी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि घटना वाले दिन सिया ने कथित रूप से केतन को लोहागढ़ किले पर ले जाने से पहले और घटना से करीब 34 मिनट पहले चेतन से फोन पर बात की थी। जांच में यह भी दावा किया गया है कि दोनों ने पहले से एक संकेत तय किया था, जिसके जरिए चेतन को धक्का देने का समय बताया जाना था। अधिकारियों के अनुसार, सिया के बैठने या जूते के फीते बांधने जैसे इशारे को संकेत के रूप में इस्तेमाल करने की योजना बनाई गई थी, ताकि धक्का देते समय वह खुद सुरक्षित दूरी पर रहे। पुलिस इन दावों की पुष्टि के लिए कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।
पहले भी कोशिश, अब जांच में जुटी पुलिस
जांच एजेंसियों का यह भी दावा है कि घटना से कुछ दिन पहले भी केतन अग्रवाल को नुकसान पहुंचाने की कथित कोशिश की गई थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। पुलिस के अनुसार, इसके बाद नई योजना बनाकर 18 जून को वारदात को अंजाम दिया गया। इस मामले में सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया जा चुका है और उनसे लगातार पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि वित्तीय लेन-देन, मोबाइल डेटा, सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है। अंतिम निष्कर्ष अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएंगे।
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