Flydubai Flight FZ1073: भारतीय कैप्टन स्मित माछर पर फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान हुए हमले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, मामले में नए तथ्य सामने आ रहे हैं। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार ओमानी को-पायलट हमाम अल-हमामी के सामान से ‘फ्री फिलिस्तीन’ संगठनों से जुड़े पर्चे और अन्य फिलिस्तीन समर्थक सामग्री मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, इन सामग्रियों से हमले का अंतिम मकसद साबित नहीं होता और जांच अभी जारी है।
पहले भी सुरक्षा को लेकर उठे थे सवाल
हमाम अल-हमामी को लेकर यह भी जानकारी सामने आई है कि वह पहले ओमान एयर से जुड़ा था और 2024 में उसके कथित कट्टरपंथी विचारों को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं सामने आई थीं। रिपोर्टों के मुताबिक उसे ओमान में उड़ान से जुड़े काम से हटा दिया गया था। इसके बाद उसने दूसरी एयरलाइनों में काम किया और करीब आठ महीने पहले फ्लाईदुबई से जुड़ा। इस पुराने रिकॉर्ड ने अब पायलटों की नियुक्ति और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
उड़ान में आखिर हुआ क्या था?
30 सितंबर को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान ओमानी को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित माछर पर कथित तौर पर हमला कर दिया। घटना के बाद विमान तेजी से नीचे आया और आपात स्थिति पैदा हो गई। घायल होने के बावजूद कैप्टन माछर कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे, जिसके बाद यात्रियों और क्रू ने हमलावर को काबू करने में मदद की। बाद में विमान को सऊदी अरब के ताबुक में सुरक्षित उतारा गया।
इजरायल और यूएई की एजेंसियां कर रहीं जांच
अब इस पूरे मामले की जांच में यूएई और इजरायल के अधिकारी शामिल हैं। इजरायली अधिकारी हमाम से पूछताछ करने की तैयारी में हैं, जबकि जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हमला अचानक हुआ या इसके पीछे पहले से कोई योजना थी। हमाम के कथित विचारों, उसके पुराने रिकॉर्ड और सामान से मिली सामग्री को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। अभी तक हमले के अंतिम मकसद या किसी व्यापक साजिश की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच फ्लाईदुबई के CEO गैथ अल गैथ ने संकट के दौरान कैप्टन, क्रू और यात्रियों के पेशेवर रवैये की सराहना की है।
