रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में दो दिन की भारत यात्रा पूरी की। इस दौरान दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और सामरिक सहयोग को लेकर कई अहम समझौतों पर चर्चा हुई। यात्रा की शुरुआत से ही भारत और रूस के बीच गहरी दोस्ती की झलक देखने को मिली। पीएम नरेंद्र मोदी ने पुतिन का स्वागत बड़े ही गर्मजोशी और मित्रता के साथ किया। इस अवसर पर पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को एक बेहद खास तोहफा दिया – श्रीमद् भगवद गीता का रूसी अनुवाद।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “एक्स” (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा था कि गीता के उपदेश दुनिया भर के लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने बताया कि इस धार्मिक और दार्शनिक ग्रंथ की प्रति रूसी भाषा में पुतिन को भेंट की गई, जिससे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को भी मजबूती मिले।
विमान में गीता पढ़ते पुतिन की तस्वीर हुई वायरल
राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा समाप्त होने के बाद शुक्रवार रात वह वापस रूस के लिए रवाना हुए। इस दौरान सोशल मीडिया पर पुतिन की एक तस्वीर वायरल हो गई जिसमें वह विमान में बैठे हुए श्रीमद् भगवद गीता पढ़ते नजर आए। फोटो में देखा जा सकता है कि पुतिन पूरी तरह से ध्यान केंद्रित कर गीता के पृष्ठों को पढ़ रहे हैं।
इस तस्वीर ने इंटरनेट पर काफी चर्चा और सनसनी फैला दी। लोगों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “एक्स” पर @RussianSpoof अकाउंट के जरिए इस फोटो को साझा किया। तस्वीर के साथ ही कई लोग अपने विचार और कमेंट भी पोस्ट कर रहे हैं, जिसमें गीता के वैश्विक प्रभाव और उसकी शिक्षाओं पर चर्चा हो रही है।
गीता का संदेश विश्वभर में प्रेरणा का स्रोत
पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को गीता भेंट करते समय कहा कि इस ग्रंथ की शिक्षाएँ जीवन के हर क्षेत्र में मार्गदर्शन देती हैं। गीता का संदेश केवल धार्मिक नहीं बल्कि जीवन में नैतिकता, कर्तव्य और मानसिक शक्ति के महत्व को भी रेखांकित करता है।
ऐसा पहली बार नहीं है जब पीएम मोदी ने भगवद गीता को विदेश नेताओं को भेंट किया हो। इससे पहले उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को भी गीता भेंट की थी। पीएम मोदी के इस कदम से यह संदेश जाता है कि गीता के उपदेश केवल भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हो सकते हैं।
दोनों देशों के बीच बढ़ते सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंध
रूस और भारत के बीच राजनयिक और सामरिक संबंध दशकों पुराने हैं। पुतिन की इस यात्रा ने न केवल दोनों देशों के बीच राजनीतिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत किया बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहलुओं में भी दोस्ती की नई मिसाल पेश की।
गीता भेंट करने का यह कदम इस बात का प्रतीक है कि भारत अपने महत्वपूर्ण ग्रंथों और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर साझा करने में विश्वास रखता है। पुतिन की गीता पढ़ते हुए तस्वीर ने यह साबित किया कि दार्शनिक ग्रंथों का प्रभाव किसी भी देश या भाषा की सीमा में नहीं बंधा है।
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