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 CM शुभेंदु अधिकारी के जनता दरबार में अचानक पहुंचा ऐसा मामला, दिव्यांग पति को पीठ पर लेकर आई महिला ने सबको चौंकाया

कोलकाता के साल्ट लेक भाजपा कार्यालय में आयोजित जनता दरबार में दिव्यांग पति को पीठ पर लेकर पहुंची महिला का मामला चर्चा में है। Suvendu Adhikari की मौजूदगी वाले इस कार्यक्रम में कई लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं।

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पश्चिम बंगाल में राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों के बीच मंगलवार को एक बार फिर जनसंपर्क कार्यक्रम चर्चा में आ गया। कोलकाता के साल्ट लेक स्थित भाजपा के राज्य कार्यालय में एक जनता दरबार जैसा कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे। इस कार्यक्रम को लेकर यह दावा किया गया कि इसका उद्देश्य आम लोगों को अपनी बात सीधे सामने रखने का अवसर देना है। हालांकि, इसे लेकर राजनीतिक हलकों में भी बहस तेज हो गई है, क्योंकि इसमें राज्य के विपक्षी नेता और भाजपा के वरिष्ठ नेता Suvendu Adhikari की मौजूदगी को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आई हैं। कार्यक्रम में बेरोजगारी, स्वास्थ्य सेवाओं, जमीन विवाद और सामाजिक योजनाओं से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रूप से देखी गईं।

पीठ पर पति को लेकर पहुंची महिला

इस जनता दरबार का सबसे भावुक और हैरान करने वाला दृश्य तब सामने आया जब एक महिला अपने दिव्यांग पति को पीठ पर उठाकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंची। बताया जा रहा है कि सुरक्षा जांच के बाद महिला को अंदर प्रवेश दिया गया, जिसके बाद उसने सीधे अपनी समस्या सामने रखी। महिला की मुख्य मांग थी कि उसके पति के लिए व्हीलचेयर उपलब्ध कराई जाए और साथ ही परिवार के लिए स्थायी आवास की व्यवस्था की जाए। इस दृश्य को देखकर मौजूद लोग भावुक हो गए और कई लोगों ने इसे प्रशासनिक व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर बताया। महिला का कहना था कि वह लंबे समय से सरकारी सहायता के लिए प्रयास कर रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस मदद नहीं मिली है।

कैंसर मरीज से लेकर कलाकारों तक ने रखीं अपनी समस्याएं

कार्यक्रम में सिर्फ यह एक मामला नहीं था, बल्कि कई अलग-अलग वर्गों के लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। एक कैंसर मरीज ने इलाज के दौरान आर्थिक संकट का हवाला देते हुए रोजगार सहायता की मांग रखी। वहीं, कलाकारों और गायकों के एक समूह ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान उन्हें राज्य के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में पर्याप्त अवसर नहीं मिले। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ चुनिंदा लोगों को ही लगातार लाभ दिया जाता रहा, जबकि बाकी कलाकारों को नजरअंदाज किया गया। इसके अलावा, बेरोजगारी और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी से जुड़े मुद्दे भी बड़ी संख्या में सामने आए। अधिकारियों के अनुसार, लोगों ने कई योजनाओं और प्रशासनिक समस्याओं से जुड़े ज्ञापन भी सौंपे।

राजनीतिक संदेश और भाजपा का दावा, बढ़ी सियासी बहस

इस पूरे आयोजन को लेकर भाजपा की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दावा किया गया कि यह कार्यक्रम जनता और नेतृत्व के बीच सीधा संवाद स्थापित करने की दिशा में एक नया प्रयास है। पार्टी ने कहा कि जनता की समस्याओं को सीधे सुनना और उनका समाधान करना प्राथमिकता है। वहीं, इस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सिर्फ एक जनसंपर्क नहीं बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में प्रभाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है। Suvendu Adhikari की सक्रियता को लेकर यह भी चर्चा है कि विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच जनसमर्थन को लेकर प्रतिस्पर्धा और तेज हो सकती है। फिलहाल, यह जनता दरबार कार्यक्रम अपने मानवीय पहलू और राजनीतिक संदेश दोनों को लेकर सुर्खियों में बना हुआ है।

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