Sunday, February 1, 2026
Homeदेशओमान ने पीएम मोदी को दिया सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान, भारत–मध्य पूर्व रिश्तों...

ओमान ने पीएम मोदी को दिया सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान, भारत–मध्य पूर्व रिश्तों में आया ऐतिहासिक मोड़

पीएम मोदी को ओमान का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान मिला। दो दिवसीय यात्रा में भारत–ओमान संबंधों, FTA और व्यापारिक साझेदारी को नई मजबूती मिली।

-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर ओमान में हैं। इस दौरे के दौरान उन्होंने भारतीय समुदाय और खास तौर पर छात्रों से संवाद किया और भारत–ओमान संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि खाड़ी क्षेत्र में रहने वाला भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच एक मजबूत सेतु की तरह काम कर रहा है। उन्होंने शिक्षा, तकनीक, स्टार्टअप, ऊर्जा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत की प्रगति में विदेशों में रहने वाले भारतीयों का बड़ा योगदान है और सरकार उनकी सुरक्षा, सम्मान और अवसरों को लेकर पूरी तरह सजग है। इस बातचीत ने साफ संकेत दिया कि भारत और ओमान का रिश्ता केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि लोगों से लोगों के बीच का गहरा संबंध है।

ओमान का सर्वोच्च सम्मान, वैश्विक मंच पर पीएम मोदी की स्वीकार्यता

पीएम मोदी की इस यात्रा का सबसे अहम पल तब आया, जब ओमान सरकार ने उन्हें अपने सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित करने की घोषणा की। यह सम्मान ऐसे समय में दिया गया है, जब प्रधानमंत्री मोदी खुद दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने की बात कर चुके हैं। ओमान का यह कदम इस बात का संकेत है कि भारत की वैश्विक भूमिका और पीएम मोदी के नेतृत्व को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितनी गंभीरता से देखा जा रहा है। इससे पहले भी कई देश प्रधानमंत्री मोदी को अपने सर्वोच्च सम्मानों से सम्मानित कर चुके हैं। ओमान द्वारा दिया गया यह सम्मान भारत की कूटनीतिक सफलता के साथ-साथ दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सम्मान को भी दर्शाता है। यह सम्मान केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत को मिला सम्मान है।

भारत–ओमान संबंधों की नई दिशा

भारत और ओमान के रिश्ते ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक रूप से बेहद पुराने रहे हैं। पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान इन रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी में बदलने पर विशेष जोर दिया गया। ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा और तकनीकी सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सकारात्मक बातचीत हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत मध्य पूर्व को केवल ऊर्जा आपूर्तिकर्ता के रूप में नहीं, बल्कि एक रणनीतिक साझेदार के रूप में देखता है। ओमान की भौगोलिक स्थिति भारत के लिए बेहद अहम है, क्योंकि यह हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और व्यापार के लिहाज से महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दोनों देशों के बीच बढ़ता भरोसा यह दर्शाता है कि आने वाले समय में भारत–ओमान सहयोग केवल द्विपक्षीय नहीं, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर भी असर डालेगा।

FTA से बदलेगा व्यापार का नक्शा, मस्कट बनेगा बड़ा ट्रेड हब

भारत और ओमान के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को इस यात्रा का सबसे दूरगामी परिणाम माना जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह समझौता सिर्फ दो देशों के बीच व्यापार बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत के लिए एक तरह का “लॉजिस्टिक्स सुपर-हाईवे” तैयार करेगा। इस समझौते के लागू होने के बाद भारतीय निर्यातकों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। मस्कट अब सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि एशिया, अफ्रीका और यूरोप—तीन महाद्वीपों को जोड़ने वाला अहम ट्रेड जंक्शन बन सकता है। इससे भारतीय कंपनियों को नए बाजारों तक आसान पहुंच मिलेगी और मेक इन इंडिया को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिलेगी। पीएम मोदी ने कहा कि यह समझौता भारत के युवाओं, स्टार्टअप्स और छोटे उद्योगों के लिए नए अवसर खोलेगा और दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को नई गति देगा।

Read more-ओमान की धरती से पीएम मोदी का बड़ा संदेश, ‘यहां मुझे दिख रहा है मिनी इंडिया, दोस्ती पर दिया ये बयान

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

0FansLike
0FollowersFollow
0FollowersFollow
0SubscribersSubscribe

Latest posts