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NEET UG री-एग्जाम: क्या 21 जून को बिना बायोमेट्रिक के ही 22 लाख छात्रों का होगा फैसला? NTA के इस फैसले ने सबको चौंकाया!

NEET UG 2026 री-एग्जाम से ठीक पहले देशभर में बड़े स्तर पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। जानिए सुरक्षा के तीन-स्तरीय इंतजाम और NTA के बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन से जुड़े नए नियमों की पूरी जानकारी।

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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाने वाली NEET UG 2026 की री-टेस्ट परीक्षा को लेकर तैयारियां अब अपने अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण में पहुंच चुकी हैं। 21 जून को होने वाली इस महा-परीक्षा से ठीक पहले, शनिवार को पूरे देश में एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। यह मॉक ड्रिल सुबह 9 बजे से शुरू होकर देर शाम तक चलेगी, जिसका मुख्य उद्देश्य परीक्षा के दिन होने वाली किसी भी तकनीकी या सुरक्षा संबंधी चूक को पूरी तरह खत्म करना है। इस अभ्यास सत्र में देशभर की विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां, जिला प्रशासन और परीक्षा केंद्र के अधिकारी आपस में समन्वय (Coordination) का परीक्षण करेंगे। लगभग 2.5 लाख से अधिक सुरक्षा कर्मियों की भागीदारी के साथ होने वाला यह अभ्यास यह सुनिश्चित करेगा कि परीक्षा के दिन हर एक प्रक्रिया बिना किसी बाधा के पूरी हो सके।

तीन-स्तरीय चक्रव्यूह में होंगे परीक्षा केंद्र: अर्धसैनिक बलों के हवाले रहेंगे प्रश्न पत्र

आगामी 21 जून को होने वाली इस परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा के ऐसे अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं, जो पहले कभी नहीं देखे गए। देशभर के सभी 5,000 से अधिक परीक्षा केंद्रों को पहले ही पूरी तरह से NTA के नियंत्रण में सौंप दिया गया है। परीक्षा के दिन गड़बड़ी रोकने के लिए केंद्रों पर तीन-स्तरीय (Three-tier) सुरक्षा घेरा तैनात रहेगा। सबसे बड़ी जिम्मेदारी प्रश्न पत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं (ओएमआर शीट्स) की सुरक्षा की है, जिसे इस बार सीधे अर्धसैनिक बलों (Paramilitary Forces) के हवाले किया गया है। हर एक केंद्र पर चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की तैनाती रहेगी, जिससे किसी भी तरह के बाहरी हस्तक्षेप या पेपर लीक जैसी घटनाओं की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

लाइव CCTV मॉनिटरिंग और सोशल मीडिया पर डिजिटल विंग की पैनी नजर

हाई-टेक सुरक्षा के इस दौर में केवल जमीन पर ही नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया में भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर लगे CCTV कैमरों की लाइव फीड सीधे NTA के केंद्रीय कंट्रोल रूम को उपलब्ध कराई जाएगी, जहां से अधिकारी हर गतिविधि पर लाइव नजर रखेंगे। इसके साथ ही, अफवाहों और संदिग्ध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए एक विशेष सोशल मीडिया निगरानी केंद्र (Social Media Monitoring Cell) का गठन किया गया है। यह विंग इंटरनेट और विभिन्न सोशल प्लेटफॉर्म्स पर बारीक नजर रखेगी ताकि कोई भी भ्रामक जानकारी या अनुचित साधनों का प्रचार न कर सके। राज्य और केंद्र सरकार के उच्च अधिकारी भी इस पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन के साथ मिलकर लगातार समीक्षा कर रहे हैं।

22 लाख परीक्षार्थियों का पंजीकरण: बायोमेट्रिक फेल होने पर भी नहीं छूटेगा एग्जाम

इस री-टेस्ट परीक्षा के लिए लगभग 22 लाख छात्रों ने अपना पंजीकरण कराया है, जिनमें से करीब 18 लाख से अधिक छात्र अपने एडमिट कार्ड पहले ही डाउनलोड कर चुके हैं। इस बीच, परीक्षा देने जा रहे उम्मीदवारों के लिए NTA ने एक बहुत ही राहत भरी और बड़ी घोषणा की है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यदि परीक्षा केंद्र पर किसी तकनीकी खराबी, फिंगरप्रिंट साफ न आने, यूआईडीएआई (UIDAI) सर्वर कनेक्टिविटी की समस्या या किसी अन्य शारीरिक कारण से उम्मीदवार का बायोमेट्रिक सत्यापन (Biometric Verification) पूरा नहीं हो पाता है, तो भी उसे परीक्षा देने से वंचित नहीं किया जाएगा। ऐसे छात्रों को वैकल्पिक सत्यापन प्रक्रियाओं के बाद परीक्षा हॉल में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी, ताकि किसी भी genuine छात्र का साल खराब न हो।

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