ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम को लेकर तेहरान में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। दुनिया के कई देशों से प्रतिनिधिमंडल ईरान पहुंच रहे हैं। इसी बीच जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भी भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ तेहरान पहुंचीं। उन्होंने अन्य भारतीय नेताओं के साथ खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की और अंतिम संस्कार की नमाज में हिस्सा लिया। इस मौके पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद सहित कई अन्य लोग भी मौजूद रहे। खामेनेई के निधन के बाद यह पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसमें अलग-अलग देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। तेहरान में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और बड़ी संख्या में लोग अंतिम विदाई देने के लिए पहुंच रहे हैं।
कई दिनों तक चलेगा अंतिम संस्कार कार्यक्रम
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अयातुल्लाह अली खामेनेई का अंतिम संस्कार कार्यक्रम कई दिनों तक चलेगा। तेहरान के अलावा कौम और मशहद में भी विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बताया जा रहा है कि लाखों नहीं बल्कि करोड़ों लोग इस दौरान सड़कों पर उतर सकते हैं। पूरे देश में शोक का माहौल है और जगह-जगह खामेनेई की तस्वीरें और बैनर लगाए गए हैं। अंतिम संस्कार के बाद उन्हें उनके पैतृक शहर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि इतने बड़े कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि किसी तरह की परेशानी न हो।
खामेनेई के निधन के बाद बढ़ा था क्षेत्रीय तनाव
अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन के बाद पश्चिम एशिया में तनाव काफी बढ़ गया था। इसके बाद क्षेत्र में संघर्ष तेज हो गया, जिसका असर दुनिया के कई देशों पर भी देखने को मिला। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई और कई देशों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों पर भी असर पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम के कारण वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ी थी। अब उनके अंतिम संस्कार में दुनिया के कई देशों की मौजूदगी को कूटनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कार्यक्रम के दौरान कई देशों के नेताओं के बीच अहम मुलाकातें भी हो सकती हैं।
भारत की ओर से भी पहुंचा आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल
सूत्रों के अनुसार, ईरान की ओर से भारत को भी अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण भेजा गया था। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले से तय कार्यक्रमों के कारण इस यात्रा में शामिल नहीं हो सके। उनकी जगह भारत की ओर से एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा है। इस प्रतिनिधिमंडल में कई वरिष्ठ नेता और प्रतिनिधि शामिल हैं। महबूबा मुफ्ती की मौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। माना जा रहा है कि भारत ने इस कार्यक्रम में शामिल होकर ईरान के साथ अपने कूटनीतिक संबंधों को महत्व देने का संदेश दिया है। अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि अंतिम संस्कार के दौरान कौन-कौन से वैश्विक नेता और प्रतिनिधि एक मंच पर नजर आते हैं।
