अमेरिका और ईरान के बीच सुलग रही दुश्मनी की आग अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है, जहां से पीछे लौटना दोनों ही देशों के लिए नामुमकिन नजर आ रहा है। दोनों परमाणु संपन्न और सैन्य रूप से मजबूत देश एक-दूसरे के खून के प्यासे हो चुके हैं और ताबड़तोड़ हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के बेहद संवेदनशील और पवित्र माने जाने वाले मशहद शहर पर एक बड़ा हवाई हमला कर दिया है। इस एयरस्ट्राइक में अमेरिका ने मशहद शहर के दो सबसे प्रमुख और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पुलों (Bridges) को पूरी तरह तबाह कर दिया। यह हमला ऐसे समय पर हुआ है जब पूरा ईरान शोक में डूबा हुआ है। दरअसल, मशहद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई का गृह नगर (Home Town) है, और गुरुवार (9 जुलाई) को यहीं पर उनका अंतिम संस्कार होना तय हुआ है। इस संवेदनशील वक्त पर अमेरिका द्वारा पुलों को उड़ाए जाने से ईरान के भीतर भूचाल आ गया है और इसे ईरान की संप्रभुता पर सीधे प्रहार के रूप में देखा जा रहा है।
ट्रंप से बदला और जनाजा रोकने की अमेरिकी साजिश?
मशहद में हुए इस भीषण हमले के बाद ईरान सरकार और वहां की सेना की तरफ से एक बेहद आक्रामक और भावुक बयान सामने आया है। ईरान ने सीधे तौर पर अमेरिकी प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप जानबूझकर अयातुल्ला खामेनेई के जनाजे को प्रभावित करने और उसमें बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं। ईरान का मानना है कि इन दो मुख्य पुलों को तोड़ने का मकसद उस रास्ते को ब्लॉक करना है, जिससे खामेनेई का अंतिम सफर गुजरना है। इस बीच, मशहद शहर से कुछ ऐसी तस्वीरें भी सामने आई हैं जो दोनों देशों के बीच की कड़वाहट को साफ बयां करती हैं। यहां के एक बड़े होटल पर एक विशालकाय बैनर लटकाया गया है, जिस पर सीधे शब्दों में लिखा है— ‘We will kill Trump’ (हम ट्रंप को मार डालेंगे)। इस बैनर से साफ है कि ईरान की आम जनता और वहां के हुक्मरानों के दिलों में ट्रंप और अमेरिका के खिलाफ गुस्से का गुबार किस कदर उबल रहा है, जो किसी भी वक्त बड़े आत्मघाती हमलों में बदल सकता है।
ईरान का पलटवार: अमेरिकी नौसेना मुख्यालय पर दागी मिसाइलें
अमेरिका के इस कदम से तिलमिलाए ईरान ने भी चुप बैठने के बजाय तुरंत और बेहद खतरनाक पलटवार किया है। ईरानी सेना ने अमेरिकी नौसेना (US Navy) के एक प्रमुख मुख्यालय के बिल्कुल करीब भीषण बमबारी कर दी है, जिससे पश्चिमी खेमे में हड़कंप मच गया है। इसके अलावा ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिका के कई अन्य सैन्य ठिकानों और रणनीतिक संपत्तियों को भी निशाना बनाया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान अब आर-पार की लड़ाई के मूड में आ चुका है और वह अमेरिका को उसके ही अंदाज में जवाब दे रहा है। मशहद में पुलों के टूटने के बाद ईरान के भीतर राष्ट्रवाद की एक नई लहर दौड़ गई है, और वहां के सैन्य कमांडर अब अमेरिकी सेना को मध्य-पूर्व (Middle East) से पूरी तरह खदेड़ने के लिए बड़े ऑपरेशन की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। इस जवाबी कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भी चिंता में डाल दिया है कि कहीं यह जंग तीसरे विश्व युद्ध की आहट तो नहीं है।
जेडी वेंस की दोटूक चेतावनी: ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ पर हुआ एक्शन तो भुगतना होगा अंजाम
ईरान के इन आक्रामक तेवरों और अमेरिकी ठिकानों पर हुए हमलों के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने मोर्चा संभाल लिया है। वेंस ने एक बेहद सख्त और तल्ख बयान जारी करते हुए ईरान को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने ईरान पर आरोप लगाया कि उसने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में कमर्शियल (व्यापारिक) जहाजों पर फिर से हमले शुरू कर दिए हैं, जो कि अमेरिका के साथ हुए हालिया शांति समझौते का खुला और गंभीर उल्लंघन है। जेडी वेंस ने साफ लहजे में कहा कि वैश्विक व्यापार के लिए सबसे महत्वपूर्ण रास्ता माने जाने वाले ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ (Strait of Hormuz) में अगर ईरान ने दोबारा किसी भी जहाज को रोकने, जब्त करने या डराने-धमकाने की कोशिश की, तो अमेरिकी सेना इसका ऐसा करारा और विनाशकारी जवाब देगी जिसे ईरान कभी भूल नहीं पाएगा। अमेरिका के इस रुख से साफ है कि आने वाले दिन पूरे मिडिल ईस्ट के लिए बेहद तबाही भरे साबित हो सकते हैं।
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