पुरी के जगन्नाथ मंदिर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि मंदिर के शिखर पर पक्षियों का एक बड़ा झुंड मंडरा रहा है। इस दृश्य ने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में काफी चर्चा पैदा कर दी है। कई लोग इसे दुर्लभ घटना मानकर भविष्य में होने वाली किसी अशुभ घटना से जोड़ने लगे हैं। वहीं मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह एक सामान्य प्राकृतिक घटना है और इसे किसी अशुभ संकेत से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
भविष्य मालिका और लोगों की धारणाएं
कुछ लोग इस घटना को पौराणिक ग्रंथ ‘भविष्य मालिका’ से जोड़कर देख रहे हैं। भविष्य मालिका 15वीं-16वीं सदी में अच्युतानंद दास और अन्य संतों द्वारा लिखा गया एक ग्रंथ है, जो कलियुग के अंत की भविष्यवाणियों पर आधारित है। इस ग्रंथ में शिखर पर गिद्ध पक्षी के बैठने का उल्लेख है, जिसे कुछ लोग मंदिर के शिखर पर पक्षियों के मंडराने से जोड़कर अशुभ संकेत मान रहे हैं। हालांकि इतिहासकार और मंदिर अधिकारी बताते हैं कि यह केवल पुरानी कथा का हिस्सा है और वर्तमान में प्राकृतिक कारणों से पक्षियों का ऐसा व्यवहार आम है।
पिछली घटनाओं का संदर्भ
इस साल अप्रैल में भी एक घटना हुई थी, जब ‘गरुड़’ नामक पक्षी मंदिर के शिखर पर सजे ध्वज को लेकर उड़ गया था। उसे लेकर मंदिर की परिक्रमा करने से स्थानीय लोगों में हलचल मची थी। कई लोगों ने इसे अपशकुन माना, जबकि पुजारी और विशेषज्ञ इसे सामान्य प्राकृतिक घटना मानते रहे। ऐसे घटनाएं अक्सर धार्मिक स्थलों पर पक्षियों के व्यवहार से जुड़ी देखी जाती हैं और इसका किसी तरह का अशुभ प्रभाव नहीं होता।
मंदिर प्रशासन का बयान और चेतावनी
जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने बताया कि शिखर पर पक्षियों का मंडराना पूरी तरह से सामान्य और प्राकृतिक घटना है। उन्होंने श्रद्धालुओं और आम जनता से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो को सच मानकर डरें नहीं। प्रशासन ने यह भी बताया कि मंदिर के आसपास पक्षियों की उपस्थिति लगातार रहती है और यह उनके प्राकृतिक आवास का हिस्सा है। लोगों से कहा गया है कि धार्मिक विश्वास के बावजूद वैज्ञानिक दृष्टिकोण से इन घटनाओं को समझना ज़रूरी है।
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