प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojna) ग्रामीण को लेकर ग्रामीण परिवारों के लिए एक अहम राहत भरी खबर सामने आई है। अब ऐसे विवाहित व्यक्ति, जो संयुक्त परिवार में पक्के मकान में रहते हैं लेकिन उनके लिए अलग कमरा उपलब्ध नहीं है, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिल सकेगा। ग्रामीण विकास विभाग ने इस संबंध में सभी जिलों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग का कहना है कि योजना का उद्देश्य केवल बेघर लोगों को ही नहीं, बल्कि ऐसे परिवारों को भी राहत देना है, जहां रहने की जगह होने के बावजूद भी परिवार के सदस्यों को सम्मानजनक आवास नहीं मिल पा रहा है। इसी फैसले के बाद राज्यभर में पहले से तैयार लाभुक सूची के सत्यापन का कार्य तेज कर दिया गया है, जिसे जनवरी 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
एक करोड़ से ज्यादा परिवारों की सूची का हो रहा सत्यापन
पीएम आवास योजना ग्रामीण के तहत कराए गए सर्वेक्षण में राज्यभर से एक करोड़ चार लाख से अधिक परिवारों की सूची तैयार की गई थी। फिलहाल इन्हीं परिवारों का सत्यापन कार्य पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर किया जा रहा है। विभाग का कहना है कि सत्यापन के बाद ही अंतिम सूची तैयार होगी और उसी के आधार पर लाभुकों को आगे चलकर पक्का मकान दिया जाएगा। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह योजना उन गरीब परिवारों के लिए है, जो या तो बेघर हैं या फिर कच्चे, जर्जर और असुरक्षित मकानों में रहने को मजबूर हैं। सत्यापन प्रक्रिया का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ सही और वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे।
दो कमरों के मकान में तीन भाइयों का परिवार, एक को मिलेगा लाभ
ग्रामीण विकास विभाग ने दिशा-निर्देशों में यह भी साफ कर दिया है कि अगर किसी पक्के मकान में केवल दो कमरे हैं और उसमें तीन भाइयों का परिवार रह रहा है, तो ऐसे मामले में उनमें से एक परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का लाभ दिया जा सकता है। यह फैसला उन हजारों परिवारों के लिए राहत लेकर आया है, जो वर्षों से जगह की कमी के कारण कठिन परिस्थितियों में जीवन गुजार रहे हैं। उल्लेखनीय है कि राज्य में पीएम आवास योजना के लिए सर्वेक्षण कार्य 15 मई 2025 तक चला था। उसी सर्वे के आधार पर अब पात्रता की गहन जांच की जा रही है, ताकि कोई भी वास्तविक लाभुक योजना से वंचित न रह जाए।
12.20 लाख पुराने लाभुकों को भी मिल रहा आवास
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पूर्व में हुए सर्वेक्षण के आधार पर प्रतीक्षा सूची में बचे हुए परिवारों को भी वर्तमान में आवास का लाभ दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 को मिलाकर करीब 12 लाख 20 हजार परिवारों को पक्का मकान देने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि अब तक सिर्फ 2 लाख 53 हजार परिवारों के ही आवास निर्माण पूरे हो सके हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पिछले करीब पांच महीनों से केंद्र सरकार की ओर से इस योजना के तहत राशि का भुगतान नहीं हो पाया है, जिससे निर्माण कार्य की रफ्तार काफी धीमी हो गई है। राज्य सरकार ने केंद्र से भुगतान शुरू करने का आग्रह किया है, लेकिन केंद्र ने स्पष्ट कर दिया है कि अब भुगतान नई व्यवस्था के तहत ही किया जाएगा। ऐसे में राज्य सरकार नई व्यवस्था को जल्द लागू करने की तैयारी में जुटी है, ताकि लंबित राशि जारी हो सके और लाभुकों को समय पर पक्का मकान मिल सके।
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