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जिसने बचाई मुस्लिम युवक की जान, उसी पर दर्ज हो गया केस… बजरंग दल की शिकायत के बाद FIR तक कैसे पहुंचा पूरा मामला

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उत्तराखंड के कोटद्वार शहर के पटेल मार्ग पर स्थित एक कपड़ों की दुकान का नाम बीते दिनों अचानक विवाद की वजह बन गया। शुरुआत में यह मामला केवल आपत्ति और कथित बदसलूकी तक सीमित था, लेकिन समय के साथ यह मुद्दा गंभीर होता चला गया। आरोप है कि दुकान के नाम को लेकर कुछ लोगों ने आपत्ति जताई और इसी दौरान कुछ युवकों का बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार हुआ। इस घटना की जानकारी फैलते ही माहौल गरमाने लगा। स्थानीय स्तर पर शुरू हुआ विवाद सोशल और सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया। हालात उस वक्त और संवेदनशील हो गए, जब इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिशों के आरोप भी सामने आने लगे। प्रशासन ने शुरुआत में शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन अगले ही दिन स्थिति और बिगड़ती चली गई।

बजरंग दल का प्रदर्शन, जिम के बाहर पहुंची भीड़

घटना के अगले दिन बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता कोटद्वार पहुंचे। इनमें स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ-साथ दूसरे जिलों से आए लोग भी शामिल थे। पहले शहर में जुलूस निकाला गया और फिर सभी मालवीय उद्यान में एकत्र होकर प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शन के दौरान नारेबाजी हुई और माहौल लगातार तनावपूर्ण होता चला गया। स्थिति उस समय और बिगड़ गई, जब प्रदर्शनकारियों का एक समूह कथित रूप से विवाद से जुड़े युवक के जिम के बाहर पहुंच गया। यह देखकर पुलिस को तुरंत अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा। हालात को काबू में लाने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। अधिकारियों की सतर्कता के चलते किसी बड़ी अप्रिय घटना से पहले ही भीड़ को वहां से हटा दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद शहर में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।

दुकानदार की तहरीर पर केस, 40 अज्ञात लोगों पर भी FIR

विवाद के बढ़ने के बाद पौड़ी पुलिस ने सख्त रुख अपनाया और दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर कार्रवाई शुरू की। दुकानदार वकील अहमद की तहरीर पर दो नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप है कि उन्हें दुकान का नाम बदलने की धमकी दी गई थी। इसके अलावा कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में 30 से 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी अलग से केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भड़काऊ पोस्ट, अफवाह या बयानबाजी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की गलत सूचना फैलाने से बचने की अपील की है। पुलिस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है।

मोहम्मद दीपक पर भी FIR

इस पूरे प्रकरण का सबसे चर्चित पहलू तब सामने आया, जब मोहम्मद दीपक उर्फ दीपक कारकी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज होने की जानकारी सामने आई। बताया गया कि मोहम्मद दीपक वही शख्स हैं, जिन्होंने कथित तौर पर मुस्लिम दुकानदार की जान बचाने में भूमिका निभाई थी। पुलिस के अनुसार, उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 191(1), 351(2) और 352 के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालांकि पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल दर्ज की गई सभी धाराएं जमानती हैं और इनमें गिरफ्तारी का प्रावधान नहीं है। एसएसपी पौड़ी सर्वेश पवार ने बताया कि पुलिस का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि स्थिति को नियंत्रित करना है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच संवाद के जरिए विवाद को शांत कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि क्षेत्र में शांति और सौहार्द बना रहे और किसी भी तरह का वैमनस्य आगे न फैले।

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