बिहार के जमुई जिले में छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में नंदन यादव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उसके परिवार से जुड़ा एक पुराना मामला भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, नंदन के पिता गनौरी यादव वर्ष 2003 के डबल मर्डर केस में लंबे समय से फरार चल रहे थे। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस गिरफ्तारी के बाद 23 साल पुराने हत्याकांड की चर्चा एक बार फिर शुरू हो गई है।
नंदन की पूछताछ के बाद पिता तक पहुंची पुलिस
मामला 19 सितंबर को जमुई के मड़वा गांव में 10वीं कक्षा की एक छात्रा से छेड़छाड़ की घटना के बाद सामने आया था। पुलिस ने आरोपी नंदन यादव की तलाश शुरू की और 22 सितंबर को प्रतापपुर नदी घाट के पास हुई मुठभेड़ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने उसके पारिवारिक और आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की। इसी दौरान गनौरी यादव का नाम पुराने हत्याकांड में सामने आया। पुलिस ने जानकारी जुटाने के बाद प्रतापपुर गांव में कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया।
2003 में दो भाइयों की हत्या का आरोप
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 3 अप्रैल 2003 को प्रतापपुर गांव में ठेकेदारी के वर्चस्व को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। इसी दौरान डीपी यादव और पुणे यादव नाम के दो सगे भाइयों की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मृतकों की मां संसारी देवी की शिकायत पर टाउन थाने में मामला दर्ज हुआ था। FIR में गनौरी यादव को नामजद आरोपी बनाया गया था। पुलिस के अनुसार, केस दर्ज होने के बाद से ही वह गिरफ्तारी से बचता रहा और लंबे समय तक फरार रहा।
अब पिता-पुत्र दोनों मामलों में पुलिस की जांच जारी
गनौरी यादव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब पिता और बेटे से जुड़े आपराधिक मामलों की जानकारी जुटा रही है। वहीं, नंदन यादव के खिलाफ छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में भी जांच आगे बढ़ रही है। एक ताजा मामले की जांच के दौरान 23 साल पुराने हत्याकांड के आरोपी तक पुलिस के पहुंचने से जमुई का यह मामला अब और चर्चा में आ गया है।
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