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कोलकाता की रेड रोड से दुनिया तक गूंजी योग की शक्ति, PM मोदी बोले— ‘योग ने दुनिया को…’

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 पर कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग को वैश्विक एकता का प्रतीक बताया। जानिए रेड रोड कार्यक्रम, देश-विदेश में आयोजन और इस दिन के ऐतिहासिक महत्व की पूरी खबर।

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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के मौके पर कोलकाता की ऐतिहासिक रेड रोड पर एक विशाल सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इस कार्यक्रम में करीब 35,000 लोगों ने एक साथ योगाभ्यास किया, जबकि पूरे शहर में लगभग 10 लाख लोगों की भागीदारी दर्ज की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि योग आज केवल भारत की परंपरा नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को जोड़ने वाला सेतु बन चुका है। उन्होंने कहा, “हिमालय से लेकर हिंद महासागर तक आज योग की ऊर्जा महसूस की जा रही है।” कार्यक्रम में ‘स्वस्थ आयु के लिए योग’ थीम के तहत विभिन्न आसनों और प्राणायाम का प्रदर्शन किया गया।

“भारत के प्रस्ताव से दुनिया ने अपनाया योग”

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत 2015 में उस समय हुई जब संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी। इस ऐतिहासिक प्रस्ताव को 175 देशों का समर्थन मिला था, जो संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में सबसे व्यापक सह-प्रायोजन में से एक माना जाता है। इस प्रस्ताव की नींव 27 सितंबर 2014 को रखी गई थी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग के महत्व को वैश्विक मंच पर रखा। इसके बाद 11 दिसंबर 2014 को औपचारिक रूप से प्रस्ताव पारित हुआ। तब से हर वर्ष 21 जून को दुनिया भर में योग के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे भारत की प्राचीन परंपरा वैश्विक पहचान बन चुकी है।

देशभर में नेताओं और संस्थानों की भागीदारी

इस वर्ष योग दिवस के मौके पर देशभर में कई प्रमुख नेताओं ने भी योगाभ्यास में भाग लिया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अहमदाबाद में योग किया और इसे मानसिक और शारीरिक संतुलन का माध्यम बताया। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शिलॉन्ग में योग कार्यक्रम में हिस्सा लेकर लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने जालंधर की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में छात्रों के साथ योग किया। पूरे देश में स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों द्वारा सामूहिक योग सत्र आयोजित किए गए, जिसमें युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

‘स्वस्थ जीवन’ की दिशा में योग की वैश्विक भूमिका

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का 12वां संस्करण इस बात का प्रतीक बन गया कि योग अब केवल व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक शांति और संतुलित जीवन का महत्वपूर्ण आधार है। विशेषज्ञों के अनुसार तनाव, जीवनशैली संबंधी बीमारियों और मानसिक दबाव के बीच योग दुनिया भर में लोगों के लिए राहत का माध्यम बन रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि योग हमें जीवन को संतुलित तरीके से जीने की कला सिखाता है। दुनिया के 2500 से अधिक स्थानों पर आयोजित इस कार्यक्रम ने यह साबित किया कि भारत की यह प्राचीन परंपरा अब वैश्विक स्वास्थ्य आंदोलन का रूप ले चुकी है, जो आने वाले समय में और अधिक व्यापक होती जाएगी।

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