उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से एक अनोखी और मजेदार घटना सामने आई है। जहां आमतौर पर तलाक के बाद लोग दुखी होते हैं, वहीं इस मामले में युवक ने अपनी खुशियों का अलग अंदाज दिखाया। शादी के सिर्फ 2 साल बाद लगातार झगड़ों और तनाव से परेशान युवक ने अपने जीवन से छुटकारा पाने के लिए मां बैड़वा समय माता के मंदिर में मन्नत मांगी। उसने वादा किया कि अगर उसे तलाक मिल गया तो वह 9 किलोमीटर की दंडवत यात्रा पूरी करेगा।
युवक के इस अनोखे इरादे की कहानी अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। लोग हैरान हैं कि कैसे किसी ने तलाक को भी खुशी के मौके में बदला और अपनी आस्था के साथ मन्नत पूरी की।
कोर्ट ने दिया ‘मुक्ति का रास्ता’
युवक ने अपनी पत्नी से अलग होने के लिए कोर्ट का सहारा लिया। दो साल तक लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद उसे तलाक मिल गया। इस फैसले से युवक और उसका परिवार काफी खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से चल रहा मानसिक तनाव अब खत्म हो गया है।
इस दौरान युवक ने बताया कि तलाक केवल एक कानूनी प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि उसके लिए नई जिंदगी की शुरुआत का अवसर भी था। कोर्ट के फैसले के बाद युवक ने तय किया कि वह अपनी मांगी मन्नत पूरी करेगा और अपने वादे के मुताबिक मंदिर तक दंडवत यात्रा करेगा।
9 किलोमीटर की दंडवत यात्रा और बारात जैसी शोभा
युवक ने अपने वादे को निभाते हुए अपने गांव से भानपुर स्थित माता के मंदिर तक 9 किलोमीटर की दंडवत यात्रा पूरी की। यह यात्रा आसान नहीं थी, लेकिन उसने पूरे मनोयोग और आस्था के साथ इसे किया। यात्रा के दौरान युवक अकेला नहीं था। उसके माता-पिता और गांव के कई लोग गाजे-बाजे और माता के जयकारों के साथ उसके पीछे चल रहे थे।
युवक थकान और चोटों के बावजूद मंदिर पहुंचे। उनके घुटने लहूलुहान थे, लेकिन चेहरे पर संतोष और सुकून साफ झलक रहा था। उन्होंने माता के दर्शन किए, प्रसाद चढ़ाया और अपनी मन्नत पूरी होने पर आभार व्यक्त किया।
सोशल मीडिया पर वायरल और लोगों की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर यह घटना तेजी से वायरल हो गई। इंटरनेट यूजर्स ने इस अनोखी कहानी पर मजेदार कमेंट्स करना शुरू कर दिया। एक यूजर ने लिखा, “भाई शादी से बचने का ये लेवल पहली बार देखा है, सलाम है ऐसे जज्बे को।” वहीं, एक और यूजर ने चुटकी लेते हुए कहा, “लोग शादी बचाने के लिए मंदिर जाते हैं, ये भाई शादी से बचने के लिए पहुंच गया।”
कुछ यूजर्स ने इसे ‘रियल लाइफ मोक्ष यात्रा’ तक कहा। एक यूजर ने लिखा, “9KM दंडवत? भाई प्यार नहीं, दर्द सच्चा था।” इस घटना ने यह संदेश भी दिया कि जीवन में कभी-कभी खुद की शांति और खुशी के लिए निर्णय लेना जरूरी होता है।
