टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में गिरफ्तार आरोपियों को लेकर अब नई जानकारियां सामने आ रही हैं। इनमें हरियाणा के सोनीपत जिले के देवडू गांव का रहने वाला रेहान भी शामिल बताया जा रहा है। परिवार के मुताबिक, रेहान ने नौवीं कक्षा में फेल होने के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी और बाद में वेल्डिंग का काम करने लगा था। बताया जा रहा है कि वह पहले भी अवैध हथियार रखने के मामले में जेल जा चुका है। आखिर सामान्य काम करने वाला रेहान मुंबई में हुई इस सनसनीखेज घटना से कैसे जुड़ गया? इस सवाल का जवाब पुलिस की जांच से सामने आ सकता है।
नौवीं में फेल होने के बाद छोड़ी पढ़ाई, फिर करने लगा वेल्डिंग का काम
मिली जानकारी के अनुसार, रेहान सोनीपत के देवडू गांव में अपनी मां समसीदा और छोटे भाई के साथ रहता था। उसकी मां एक निजी कंपनी में काम करती हैं। परिवार से जुड़े लोगों के मुताबिक, रेहान करीब 12 साल पहले अपने पिता से अलग हो गया था। पढ़ाई में नौवीं कक्षा में असफल होने के बाद उसने स्कूल छोड़ दिया और काम करना शुरू कर दिया। बताया जाता है कि जेल से बाहर आने के बाद वह वेल्डिंग का काम कर रहा था। परिवार को उम्मीद थी कि वह मेहनत करके अपनी जिंदगी बेहतर बनाएगा, लेकिन टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में उसका नाम सामने आने के बाद गांव में भी चर्चा शुरू हो गई है।
पहले भी जेल जा चुका था रेहान, परिवार ने दी थी समझाइश
रेहान की मौसी अफसाना के मुताबिक, वह पहले अवैध हथियार रखने के मामले में जेल जा चुका था। इसके बाद परिवार ने उसे कई बार समझाया कि वह गलत कामों से दूर रहे और अपने काम पर ध्यान दे। मौसी ने बताया कि बकरीद के मौके पर रेहान घर आया था। त्योहार मनाने के बाद उसने काम पर जाने की बात कही और वहां से निकल गया। परिवार को उस समय अंदाजा नहीं था कि उसका नाम मुंबई में हुई फायरिंग की घटना से जुड़ सकता है। परिवार के अनुसार, रेहान की गिरफ्तारी और मामले की पूरी जानकारी उन्हें नहीं है। इस घटनाक्रम ने परिजनों को भी चिंता में डाल दिया है।
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में गिरफ्तारी, अब जांच पर नजर
मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें रेहान का नाम भी शामिल बताया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में दो हरियाणा के सोनीपत और एक बिहार से जुड़ा है। हालांकि, रेहान की भूमिका क्या थी, फायरिंग की योजना किसने बनाई और आरोपियों के बीच क्या संबंध थे, इन सवालों पर जांच के नतीजों का इंतजार है। किसी भी आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि अदालत में कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होती है। फिलहाल पुलिस की जांच से ही इस मामले की पूरी तस्वीर साफ होगी।
