हरियाणा के सोनीपत से एक दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक छह महीने का मासूम बच्चा पिटबुल कुत्ते के खूंखार हमले का शिकार हो गया। यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब मासूम अपनी बुआ की गोद में बैठकर गली में घूम रहा था और अपने परिवार के साथ खुशनुमा पल बिता रहा था। तभी अचानक पड़ोस के एक घर से निकलकर आए बेकाबू पालतू पिटबुल ने दोनों पर अचानक हमला बोल दिया। इस अचानक हुए जानलेवा हमले से इलाके में हड़कंप मच गया और परिवार की खुशियां पलभर में चीख-पुकार में बदल गईं।
कुत्ते के वार से बुरी तरह जख्मी हुआ मासूम और बचाने आई बुआ
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, पिटबुल कुत्ते ने पूरी आक्रामकता के साथ बच्चे के चेहरे, पेट और शरीर के अन्य संवेदनशील हिस्सों पर ताबड़तोड़ कई गंभीर वार किए। अपनी जान की परवाह न करते हुए बच्चे की बुआ ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, जिसके चलते वह खुद भी गंभीर रूप से घायल हो गई। परिवार के लोगों ने बड़ी मशक्कत और सूझबूझ के बाद किसी तरह कुत्ते के चंगुल से दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला। आनन-फानन में लहूलुहान हालत में बच्चे और उसकी बुआ को सोनीपत के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मासूम की नाजुक हालत को देखते हुए उसे तुरंत दिल्ली के बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
आर्थिक तंगी के कारण रोहतक PGI में चल रहा इलाज
दिल्ली के अस्पतालों में इलाज का भारी-भरकम खर्च उठाने में असमर्थ पीड़ित परिवार मजबूरन बच्चे को वापस ले आया और बाद में उसे रोहतक के पंडित भगवत दयाल शर्मा पीजीआई (PGI) में भर्ती कराया। वर्तमान में मासूम का इलाज रोहतक पीजीआई में डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है, जबकि उसकी घायल बुआ का इलाज सोनीपत के ही एक निजी अस्पताल में कराया जा रहा है। बच्चे की दादी ने आरोप लगाया है कि घटना के शुरुआती दिनों में तो कुत्ते के मालिक ने मेडिकल खर्च में कुछ मदद की थी, लेकिन अब वे लगातार बढ़ते इलाज के खर्च को उठाने से साफ मुकर रहे हैं, जिससे गरीब परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
रिहायशी इलाकों में खतरनाक कुत्तों के पालने पर उठे बड़े सवाल
इस दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना के बाद से एक बार फिर से रिहायशी इलाकों में खतरनाक और आक्रामक नस्ल के कुत्तों को पालने की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित परिवार अब जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस से न्याय की गुहार लगा रहा है, साथ ही मांग कर रहा है कि कुत्ते के मालिक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और बच्चे के पूरे मेडिकल खर्च की भरपाई की जाए। जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने पालतू खतरनाक कुत्तों और उनके मालिकों के लिए कड़े नियम व नियंत्रण लागू नहीं किए, तो ऐसे हादसे भविष्य में किसी और मासूम की जान भी ले सकते हैं।
Read more-‘प्रलय’ की शूटिंग छोड़कर लालबागचा राजा पहुंचे रणवीर सिंह, बप्पा के सामने कर दिया बड़ा ऐलान
