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7 दिन में बदला लेने की चेतावनी देने वाला बिहार पुलिस का सिपाही सस्पेंड, भरत तिवारी के भाई होने का किया था दावा

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में वायरल वीडियो के बाद बिहार पुलिस के सिपाही आशीष तिवारी को सस्पेंड कर दिया गया। महापंचायत में बदला लेने की चेतावनी,

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भरत तिवारी एनकाउंटर मामले से जुड़ा एक वायरल वीडियो अब बिहार पुलिस के एक सिपाही पर भारी पड़ गया है। मोतिहारी में तैनात सिपाही आशीष तिवारी को विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आशीष का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें वह महापंचायत के मंच से खुद को भरत तिवारी का चचेरा भाई बताते हुए कह रहा था कि यदि सात दिनों के भीतर न्याय नहीं मिला तो वह खुद बदला लेने के लिए आगे आएगा। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और पुलिस मुख्यालय तक इसकी चर्चा पहुंच गई। इसके बाद विभागीय स्तर पर जांच शुरू हुई और मोतिहारी पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई करते हुए आशीष तिवारी को सस्पेंड कर दिया।

वायरल वीडियो में नौकरी छोड़ने और आंदोलन तेज करने का भी किया था दावा

वायरल वीडियो में आशीष तिवारी लोगों की भीड़ के बीच भावुक अंदाज में भाषण देता दिखाई देता है। उसने कहा था कि यदि निर्धारित समय में भरत तिवारी को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इतना ही नहीं, उसने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो वह खुद “दूसरा भरत तिवारी” बनने के लिए तैयार है। वीडियो में उसने यह दावा भी किया कि वह बिहार पुलिस का सिपाही है और उसी दिन से अपनी नौकरी छोड़ रहा है। उसके इस बयान ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोरी। पुलिस विभाग ने इस बयान को सेवा नियमों और अनुशासन के खिलाफ माना। इसके बाद विभागीय कार्रवाई शुरू की गई, जिसके परिणामस्वरूप उसे निलंबित कर दिया गया।

रिश्तेदारी के दावे पर भी उठे सवाल, परिवार ने बताई अलग बात

महापंचायत के दौरान आशीष तिवारी ने खुद को भरत तिवारी का चचेरा भाई बताया था, लेकिन बाद में यह दावा भी सवालों के घेरे में आ गया। जब भरत तिवारी के परिवार के सदस्यों से इस बारे में जानकारी ली गई तो उन्होंने अलग तस्वीर पेश की। परिवार के एक सदस्य ने बताया कि आशीष तिवारी रिश्तेदार नहीं बल्कि पड़ोस का रहने वाला है। इसके बाद सोशल मीडिया पर उसके दावों को लेकर भी बहस शुरू हो गई। पुलिस विभाग ने भी पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए वीडियो और अन्य तथ्यों की समीक्षा की। विभाग का मानना है कि वर्दी में रहते हुए इस तरह के सार्वजनिक बयान पुलिस की निष्पक्ष छवि और अनुशासन दोनों पर सवाल खड़े करते हैं।

प्रेस नोट में सामने आए पुराने विवाद, पहले भी लग चुके हैं गंभीर आरोप

आशीष तिवारी के निलंबन के बाद मोतिहारी पुलिस की ओर से एक प्रेस नोट भी जारी किया गया है। इसमें बताया गया है कि यह पहला मामला नहीं है जब उसके खिलाफ अनुशासनहीनता की शिकायत सामने आई हो। प्रेस नोट के अनुसार, उसके खिलाफ पहले भी कई गंभीर आरोप दर्ज रहे हैं। इनमें एक साथी पुलिसकर्मी पर गोली चलाने, सहकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार करने और गाली-गलौज जैसे मामलों का उल्लेख किया गया है। विभाग का कहना है कि लगातार सामने आ रही शिकायतों और हालिया वायरल वीडियो को देखते हुए यह कार्रवाई आवश्यक थी। फिलहाल मामले में आगे की विभागीय जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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