उत्तराखंड में उस समय हलचल मच गई जब राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के हेलीकॉप्टर को अचानक श्रीनगर के पास इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। जानकारी के अनुसार राज्यपाल गैंसरण में आयोजित विधानसभा सत्र में शामिल होने के लिए हेलीकॉप्टर से रवाना हुए थे। उड़ान के दौरान पायलट को कुछ तकनीकी परेशानी या मौसम से जुड़ी समस्या महसूस हुई, जिसके बाद एहतियात के तौर पर हेलीकॉप्टर को तुरंत श्रीनगर क्षेत्र में उतारना पड़ा। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में राज्यपाल पूरी तरह सुरक्षित हैं और हेलीकॉप्टर में सवार अन्य लोग भी सुरक्षित बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राज्यपाल को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। अचानक हुई इस लैंडिंग की खबर फैलते ही इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन बाद में स्थिति सामान्य हो गई।
तकनीकी दिक्कत या मौसम बना कारण, जांच जारी
अधिकारियों के मुताबिक हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। शुरुआती जानकारी में यह माना जा रहा है कि या तो तकनीकी खराबी की वजह से पायलट ने यह फैसला लिया या फिर मौसम की स्थिति को देखते हुए हेलीकॉप्टर को नीचे उतारना जरूरी हो गया। पहाड़ी क्षेत्रों में उड़ान के दौरान मौसम अक्सर अचानक बदल जाता है, जिससे हेलीकॉप्टर की उड़ान प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पायलट ऐसे हालात में तुरंत सुरक्षित लैंडिंग का निर्णय लेते हैं। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि घटना की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है और तकनीकी टीम हेलीकॉप्टर की जांच कर रही है। फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उड़ान के दौरान आखिर किस वजह से यह स्थिति पैदा हुई। हालांकि अधिकारियों ने यह भी कहा कि पायलट की सतर्कता और समय पर लिए गए फैसले की वजह से किसी तरह की बड़ी दुर्घटना टल गई।
सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस हुई अलर्ट
जैसे ही हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग की सूचना प्रशासन को मिली, तुरंत सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी तेजी से मौके पर पहुंचे और पूरे इलाके को सुरक्षित कर दिया गया। इसके बाद राज्यपाल को सीधे हेलीकॉप्टर से उतारकर पुलिस गेस्ट हाउस ले जाया गया, जहां उनकी सुरक्षा और आराम का पूरा इंतजाम किया गया। अधिकारियों ने बताया कि राज्यपाल पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके कार्यक्रम को लेकर आगे का निर्णय परिस्थितियों को देखते हुए लिया जाएगा। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने हेलीकॉप्टर से जुड़ी सभी तकनीकी जानकारियां जुटानी शुरू कर दी हैं। प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामलों में पूरी जांच की जाती है ताकि भविष्य में किसी भी तरह की जोखिम भरी स्थिति से बचा जा सके। स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस ली जब उन्हें पता चला कि राज्यपाल सुरक्षित हैं और किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
एक दिन पहले यूपी डिप्टी सीएम के हेलीकॉप्टर में भी आई थी दिक्कत
गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के हेलीकॉप्टर में भी तकनीकी समस्या सामने आई थी। शनिवार को वह कौशांबी के दौरे पर जा रहे थे, तभी उनके हेलीकॉप्टर में अचानक खराबी आ गई। बताया गया कि उड़ान के दौरान पायलट के डैशबोर्ड का डिस्प्ले बंद हो गया, जिससे हेलीकॉप्टर को नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता था। इसी दौरान हेलीकॉप्टर के अंदर धुआं भी भरने लगा था, जिसे देखते हुए पायलट ने तुरंत लखनऊ एयरपोर्ट की ओर रुख किया और सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई। उस हेलीकॉप्टर में केशव प्रसाद मौर्य के अलावा उनके सहयोगी और सुरक्षाकर्मी भी मौजूद थे, लेकिन सभी सुरक्षित रहे। लगातार दो दिनों में दो बड़े नेताओं के हेलीकॉप्टर से जुड़ी घटनाएं सामने आने के बाद सुरक्षा और तकनीकी जांच को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि वीआईपी उड़ानों में तकनीकी जांच और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
