शहरों और कस्बों में बंदरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और इसके साथ ही लोगों की परेशानी भी. पहले जो बंदर जंगलों तक सीमित थे, अब वे रिहायशी इलाकों में खुलेआम घूमते नजर आते हैं. छत पर कपड़े फाड़ना, गमलों को तोड़ना, किचन से खाना उठा ले जाना और बच्चों-बुजुर्गों को डराना अब आम बात हो गई है. कई बार लोग बंदरों को भगाने की कोशिश करते हैं, लेकिन उल्टा वे और आक्रामक हो जाते हैं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि बंदर आखिर किस चीज से डरते हैं और कौन-सा तरीका अपनाया जाए जिससे वे दोबारा घर की तरफ न आएं. अच्छी बात यह है कि कुछ प्राकृतिक गंध और साधारण घरेलू उपाय ऐसे हैं, जो बंदरों को बिना नुकसान पहुंचाए दूर भगा सकते हैं और उन्हें यह एहसास दिला सकते हैं कि यह जगह उनके लिए सुरक्षित नहीं है.
ये गंध सूंघते ही दूर भागते हैं बंदर
बंदरों की सूंघने की क्षमता काफी तेज होती है और इसी वजह से वे कुछ खास गंधों से तुरंत दूरी बना लेते हैं. तेज, चुभने वाली और तीखी स्मेल उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं आती. नींबू के छिलके, सिरका, लहसुन और अमोनिया जैसी गंध बंदरों को असहज कर देती है. अगर आप अपनी छत, बालकनी या खिड़कियों के पास नींबू के छिलके रख देते हैं या सिरका और पानी मिलाकर स्प्रे कर देते हैं, तो बंदर वहां टिकना पसंद नहीं करते. कपूर जलाकर उसकी खुशबू फैलाना भी काफी असरदार माना जाता है. इसके अलावा पुदीने के तेल को पानी में मिलाकर स्प्रे करना एक सुरक्षित और प्राकृतिक तरीका है. इसकी तेज महक इंसानों को तो ताजगी देती है, लेकिन बंदरों के लिए यह बेहद नापसंद होती है. नियमित रूप से इन गंधों का इस्तेमाल करने से बंदर धीरे-धीरे उस जगह से दूरी बना लेते हैं.
अचानक आवाज और हरकतों से क्यों घबरा जाते हैं बंदर
बंदर जितने शरारती होते हैं, उतने ही सतर्क भी. तेज आवाज और अचानक होने वाली हलचल उन्हें डरा देती है. यही वजह है कि कई जगहों पर लोग टिन के डिब्बे, स्टील की प्लेट या खाली बोतलें लटका देते हैं, जो हवा चलने पर आवाज करती हैं. यह अनपेक्षित शोर बंदरों को चौंका देता है और वे वहां से भाग जाते हैं. चमकदार रिफ्लेक्टिव टेप, पुरानी सीडी या रंगीन प्लास्टिक की पट्टियां भी हवा में हिलती हैं, जिससे बंदर असहज महसूस करते हैं. एक और दिलचस्प तरीका है नकली सांप का इस्तेमाल. बंदर स्वाभाविक रूप से सांप से सतर्क रहते हैं, इसलिए छत या बगीचे में रबर का सांप रखना उन्हें दूर रखने में मदद कर सकता है. हालांकि इन उपायों को समय-समय पर बदलते रहना जरूरी है, क्योंकि बंदर समझदार होते हैं और एक ही चीज के आदी हो सकते हैं.
घर में बार-बार बंदर आना क्या संकेत देता है और क्या न करें
अगर आपके घर में बंदर बार-बार आ रहे हैं, तो यह इस बात का संकेत है कि उन्हें वहां खाना या सुरक्षित ठिकाना मिल रहा है. खुले में फल, सब्जियां, पूजा का प्रसाद या कचरा रखना बंदरों को आकर्षित करता है. सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि खाने की कोई चीज खुली न हो. खिड़कियां और दरवाजे ठीक से बंद रखें, खासकर किचन के आसपास. बंदरों को देखकर उन्हें पत्थर मारना या नुकसान पहुंचाना न सिर्फ खतरनाक है, बल्कि गैरकानूनी भी हो सकता है. इससे वे और आक्रामक हो सकते हैं. बेहतर है कि प्राकृतिक गंध, आवाज और डराने वाले दृश्य उपायों का सहारा लिया जाए. अगर समस्या बहुत ज्यादा बढ़ जाए, तो स्थानीय नगर निगम या वन विभाग को सूचना देना सही कदम होता है. सही और सुरक्षित तरीकों से बंदरों को दूर रखना ही सबसे समझदारी भरा उपाय है, जिससे इंसान और जानवर दोनों सुरक्षित रह सकें.
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