राजस्थान के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव विभूतिपुरा में किया गया। अंतिम विदाई के दौरान गांव और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बताया जा रहा है कि अंतिम संस्कार में पांच हजार से अधिक लोग शामिल हुए। सुबह जगन गुर्जर का शव गांव पहुंचने के बाद परिजनों और रिश्तेदारों का जमावड़ा लग गया। इसके बाद शव यात्रा निकाली गई और श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार की तैयारी की गई। जगन के बेटे आसाराम गुर्जर ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान कई लोग भावुक नजर आए और बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के चलते पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
पैरोल पर पहुंचे तीनों भाई, हत्या पर जताया शक
जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार में उसके तीनों भाई विशेष पैरोल पर जेल से बाहर आए। इनमें अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद पप्पू गुर्जर और धौलपुर जेल में बंद लाल सिंह व पान सिंह शामिल थे। तीनों भारी पुलिस सुरक्षा के बीच गांव पहुंचे और अंतिम संस्कार में शामिल हुए। इस दौरान पप्पू गुर्जर ने अपने भाई की हत्या को एक बड़ी साजिश बताया। उनका कहना था कि जिस व्यक्ति पर हत्या का आरोप लगाया जा रहा है, वह पहले जगन के संपर्क में रहता था और वह अकेले इस वारदात को अंजाम नहीं दे सकता। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच कराने की मांग की। अंतिम संस्कार पूरा होने के बाद तीनों भाइयों को फिर से पुलिस सुरक्षा में संबंधित जेलों के लिए रवाना कर दिया गया।
अंतिम संस्कार में गूंजे नारे
अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और कई लोगों ने जगन गुर्जर के समर्थन में नारे भी लगाए। धौलपुर, मुरैना, ग्वालियर, सबलगढ़, भरतपुर और करौली सहित कई इलाकों से गुर्जर समाज के लोग गांव पहुंचे। हालांकि, स्थानीय विधायक जसवंत सिंह गुर्जर अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए। उनकी गैरमौजूदगी को लेकर लोगों के बीच चर्चा भी होती रही। कुछ लोगों ने इस पर नाराजगी भी जताई। पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
जेल में हुई थी हत्या, कई राज्यों में दर्ज थे गंभीर मामले
जगन गुर्जर की हत्या सोमवार को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के अंदर हुई थी। इस मामले में एक अन्य बंदी विष्णु जाट पर हत्या का आरोप लगाया गया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोनों एक ही बैरक में थे और वहीं वारदात हुई। जगन गुर्जर लंबे समय तक चंबल और धौलपुर के बीहड़ों में सक्रिय रहा था। उसके खिलाफ राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में हत्या, अपहरण, डकैती, लूट, रंगदारी और पुलिस मुठभेड़ सहित 100 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। बताया जाता है कि पुलिस उसे कभी गिरफ्तार नहीं कर सकी और उसने अलग-अलग समय पर स्वयं सरेंडर किया था। अब उसकी मौत के बाद परिवार हत्या की साजिश की आशंका जता रहा है, जबकि मामले की जांच जारी है।
