Madhya Pradesh के Shivpuri जिले के पिछोर क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने प्रशासन और राजनीति दोनों में हलचल मचा दी है। यहां एक परिवार ने खुद को लगातार प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्यु की मांग कर दी। परिवार की महिलाओं द्वारा सोशल मीडिया पर जारी किया गया वीडियो तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद पूरे इलाके में चर्चा शुरू हो गई। वीडियो में महिलाएं रोते हुए अपनी परेशानी बता रही हैं और कह रही हैं कि वे लंबे समय से डर और तनाव में जी रही हैं। परिवार का आरोप है कि स्थानीय विधायक प्रतिनिधि हरिभान सिंह लोधी उन्हें पिछले करीब दो वर्षों से परेशान कर रहे हैं। मामला सामने आने के बाद पुलिस भी सक्रिय हुई और गांव पहुंचकर जांच शुरू कर दी गई। इस घटना ने स्थानीय राजनीति को भी गरमा दिया है और लोग प्रशासनिक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
परिवार ने लगाए मानसिक प्रताड़ना और बदनामी के आरोप
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें लगातार मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को बदनाम करने के लिए फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाए गए और उन पर आपत्तिजनक पोस्ट डाली गईं। इससे पूरे परिवार की सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचा है। परिवार का कहना है कि वे इस मामले से बेहद आहत हैं और अब सामान्य जीवन जी पाना मुश्किल हो गया है। वीडियो में महिलाओं ने कहा कि कई बार शिकायत करने के बाद भी उन्हें राहत नहीं मिली। परिवार का आरोप है कि उन्हें डराने और दबाव बनाने की कोशिश लगातार की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अब उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर भी खतरा महसूस होने लगा है। यही वजह है कि उन्होंने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है। परिवार का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उनकी स्थिति और खराब हो सकती है।
नौकरी में दखल और रास्ते में रोकने के आरोप से बढ़ा मामला
परिवार ने केवल सोशल मीडिया प्रताड़ना ही नहीं, बल्कि सरकारी नौकरी में हस्तक्षेप का भी आरोप लगाया है। परिवार के अनुसार उनके एक सदस्य जगदीश लोधी सरकारी स्कूल में प्राचार्य थे, लेकिन लगातार शिकायतें कराकर उन्हें परेशान किया गया और उनके पद को प्रभावित करने की कोशिश की गई। परिवार इसे भी प्रताड़ना का हिस्सा मान रहा है। इसके अलावा हाल ही में रास्ते में रोकने और डराने की घटनाओं का भी आरोप लगाया गया है। परिवार का कहना है कि जब वे पिछोर की ओर जा रहे थे, तब रास्ते में उन्हें रोकने की कोशिश की गई। हिरापुर जंगल क्षेत्र में भी इसी तरह की घटना सामने आई, जिससे परिवार का डर और बढ़ गया। इस पूरे मामले के बाद स्थानीय लोगों के बीच भी चिंता का माहौल है। वहीं दूसरी तरफ विधायक प्रतिनिधियों की बड़ी संख्या को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। इलाके में चर्चा है कि बड़ी संख्या में विधायक प्रतिनिधि नियुक्त किए गए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर प्रभाव और दबाव बढ़ता जा रहा है।
आरोपी ने आरोपों को बताया झूठा, पुलिस जांच में जुटी
इस मामले में आरोपों का सामना कर रहे विधायक प्रतिनिधि हरिभान सिंह लोधी ने सभी दावों को पूरी तरह गलत बताया है। उनका कहना है कि उन्हें राजनीतिक और व्यक्तिगत कारणों से बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि उनका इस पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं है और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए झूठा माहौल बनाया जा रहा है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस टीम गांव पहुंची और परिवार से बातचीत की। अधिकारियों ने परिवार को सुरक्षा का भरोसा भी दिया है। प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह मामला पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। परिवार ने साफ कहा है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे।
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