केंद्र सरकार ने प्राकृतिक गैस की सप्लाई को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने गैस की आपूर्ति पर लगाया गया इमरजेंसी कंट्रोल खत्म कर दिया है। अब गैस की सप्लाई पहले की तरह सामान्य नियमों के अनुसार होगी। सरकार का कहना है कि फिलहाल देश में गैस की कोई कमी नहीं है और सप्लाई भी पूरी तरह सामान्य है। इसलिए अब विशेष नियंत्रण की जरूरत नहीं है।
पहले क्यों लगाया गया था यह नियम?
सरकार ने मार्च 2026 में गैस सप्लाई पर इमरजेंसी कंट्रोल लगाया था। उस समय दुनिया में तनाव और गैस की कमी की आशंका थी। इसलिए सरकार ने यह व्यवस्था बनाई थी कि जरूरत पड़ने पर वह तय कर सके कि किस सेक्टर को कितनी गैस दी जाएगी। सबसे पहले उर्वरक, CNG, PNG, बिजली और जरूरी सेवाओं को गैस देने की योजना बनाई गई थी, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।
अब क्या बदलेगा?
सरकार के अनुसार अब देश में गैस का उत्पादन और आयात दोनों सामान्य हैं। गैस की सप्लाई भी बिना किसी रुकावट के हो रही है। इसलिए इमरजेंसी कंट्रोल हटा दिया गया है। अब गैस कंपनियां पहले की तरह सामान्य व्यवस्था के तहत गैस की सप्लाई करेंगी। इससे वितरण प्रक्रिया आसान होगी और किसी अतिरिक्त सरकारी नियंत्रण की जरूरत नहीं रहेगी।
आम लोगों पर क्या होगा असर?
इस फैसले से रसोई गैस, CNG और PNG का इस्तेमाल करने वाले लोगों को फिलहाल किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। गैस की सप्लाई पहले की तरह जारी रहेगी। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि गैस के दाम तुरंत कम हो जाएंगे। कीमतें कई दूसरे कारणों से तय होती हैं। लेकिन अच्छी बात यह है कि फिलहाल गैस की उपलब्धता सामान्य है और सप्लाई में किसी तरह की परेशानी की उम्मीद नहीं है।
