उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म और सनातन पर सवाल उठाने वालों या देवी-देवताओं के कथित अपमान पर चुप रहने वालों को जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। नितिन नवीन ने कहा कि हिंदू समाज अपनी आस्था और परंपराओं को लेकर हमेशा जागरूक रहा है और किसी भी तरह के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि कुछ नेता धार्मिक मुद्दों पर केवल राजनीतिक लाभ के लिए बयान देते हैं, जबकि वास्तविक आस्था से उनका कोई संबंध नहीं है।
अयोध्या और काशी के विकास को बताया भाजपा की बड़ी उपलब्धि
अपने संबोधन में नितिन नवीन ने भाजपा सरकार की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और उत्तर प्रदेश की सरकार ने देश की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का काम किया है। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और काशी विश्वनाथ धाम के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं ने देश की सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती दी है। भाजपा अध्यक्ष ने दावा किया कि जिन लोगों ने पहले धार्मिक आस्था के मुद्दों को महत्व नहीं दिया, वे अब जनता के बीच जाकर आस्था की बात कर रहे हैं। उनके अनुसार, भाजपा ने केवल वादे नहीं किए, बल्कि धार्मिक स्थलों के विकास और संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
2017 से पहले और अब के उत्तर प्रदेश की तुलना की
नितिन नवीन ने अपने भाषण में उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और विकास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले राज्य में भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टिकरण की राजनीति का बोलबाला था, लेकिन वर्तमान सरकार ने इन चुनौतियों पर काफी हद तक नियंत्रण पाने का प्रयास किया है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और विकास की कई नई परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज प्रदेश में महिलाएं पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं और निवेश तथा बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में भी उत्तर प्रदेश ने नई पहचान बनाई है। हालांकि, विपक्ष इन दावों पर लगातार सवाल उठाता रहा है।
बयान से तेज हो सकती है राजनीतिक बयानबाजी
नितिन नवीन का यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक दल जनता के बीच अपनी-अपनी रणनीति को मजबूत करने में जुटे हैं। धार्मिक आस्था, विकास और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे एक बार फिर राजनीतिक विमर्श के केंद्र में आते दिखाई दे रहे हैं। भाजपा जहां अपनी सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रख रही है, वहीं विपक्ष सरकार के दावों को चुनौती देता रहा है। फिलहाल, नितिन नवीन के इस बयान पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और आम आदमी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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