देश को अंदर तक झकझोर देने वाले राजा रघुवंशी हत्याकांड पर बनी डॉक्यूमेंट्री “हनीमून से हत्या” का ट्रेलर सामने आते ही एक बार फिर यह मामला चर्चा के केंद्र में आ गया है। प्यार, भरोसे और रिश्तों की आड़ में रची गई खौफनाक साजिश की परतें खोलती यह डॉक्यू-सीरीज न सिर्फ एक हत्या की कहानी है, बल्कि यह सवाल भी उठाती है कि आखिर इंसान किस हद तक गिर सकता है। परिवार की अनुमति से बनी इस डॉक्यूमेंट्री को लेकर परिजनों का कहना है कि जो सच अब तक कागजों और फाइलों में दबा था, वह अब दुनिया के सामने आएगा और हर देखने वाला भावुक हुए बिना नहीं रह पाएगा।
ट्रेलर रिलीज के साथ फिर जिंदा हुआ दर्द
डॉक्यूमेंट्री का ट्रेलर रिलीज होते ही राजा रघुवंशी का परिवार भावनाओं से टूटता नजर आया। ट्रेलर में राजा की जिंदगी के वो पल दिखाए गए हैं, जो उसकी शादी और हनीमून से पहले एक सामान्य, खुशहाल जीवन की झलक देते हैं। परिजन बताते हैं कि ट्रेलर देखते समय उन्हें ऐसा लगा, जैसे जख्म एक बार फिर हरे हो गए हों। राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि यह डॉक्यूमेंट्री किसी फिल्मी कल्पना पर नहीं, बल्कि जांच एजेंसियों, मीडिया रिपोर्ट्स और कानूनी दस्तावेजों में सामने आए तथ्यों पर आधारित है। उनका मानना है कि सच्चाई को दिखाना जरूरी था, ताकि समाज समझ सके कि अपराध कैसे योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया। ट्रेलर में दिखाए गए दृश्य और संवाद दर्शकों को शुरुआत से ही मामले की गंभीरता और भयावहता का अहसास कराते हैं।
परिवार की मंजूरी से बनी, कोर्ट केस पर असर नहीं
परिजनों ने साफ किया है कि “हनीमून से हत्या” पूरी तरह एक डॉक्यूमेंट्री है, न कि मसाला फिल्म। विपिन रघुवंशी के अनुसार, इससे पहले भी कुछ फिल्म निर्माताओं ने संपर्क किया था, लेकिन जब तक केस की पूरी सच्चाई सामने नहीं आई, तब तक किसी काल्पनिक प्रस्तुति को सही नहीं माना गया। इसी सोच के तहत डॉक्यू-सीरीज को हरी झंडी दी गई। परिवार का कहना है कि इसमें वही तथ्य शामिल हैं, जो पहले से जांच का हिस्सा रहे हैं, इसलिए इससे अदालत में चल रही कानूनी प्रक्रिया पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। उल्टा, यह जनता को सच से रूबरू कराएगी और न्याय की मांग को और मजबूत बनाएगी। डॉक्यूमेंट्री में राजा के केस के साथ कुछ अन्य चर्चित मामलों का जिक्र भी किया गया है, ताकि यह दिखाया जा सके कि किस तरह भरोसे की हत्या आज के समाज में एक गंभीर समस्या बनती जा रही है।
मेघालय सरकार पर सवाल, इंसाफ की मांग तेज
डॉक्यूमेंट्री के ट्रेलर के बाद राजा के परिजनों ने मेघालय सरकार और प्रशासन से भी कड़े सवाल पूछे हैं। उनका कहना है कि जिन लोगों ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया, उन्हें किसी भी तरह की कानूनी सहानुभूति या रियायत नहीं मिलनी चाहिए। परिवार का आरोप है कि इस हत्याकांड ने न सिर्फ एक बेटे, भाई और पति को छीना, बल्कि मेघालय जैसे शांत और खूबसूरत राज्य की छवि को भी नुकसान पहुंचाया। विपिन रघुवंशी का कहना है कि अगर ऐसे अपराधियों को कानून की ढील मिलती है, तो यह पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करता है। ट्रेलर के एक दृश्य में राजा की तस्वीर और उसके साथ जुड़े भावुक पल दिखाए गए हैं, जिन्हें देखकर परिवार की आंखें छलक पड़ीं। परिजनों का साफ कहना है कि राजा को वापस लाना संभव नहीं, लेकिन उसे इंसाफ दिलाने की लड़ाई आखिरी सांस तक जारी रहेगी।
क्या था राजा रघुवंशी हत्याकांड?
मई 2025 में इंदौर के युवा कारोबारी राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम के साथ हनीमून मनाने मेघालय गए थे। यह सफर खुशियों से भरा होना था, लेकिन वहीं उनकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। शुरुआती जांच में मामला रहस्यमय लगा, लेकिन जैसे-जैसे परतें खुलीं, चौंकाने वाले खुलासे सामने आए। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस साजिश में राजा की पत्नी सोनम और उसका प्रेमी शामिल थे। प्यार, लालच और धोखे की इस कहानी ने पूरे देश को हैरान कर दिया। अब इसी सच्चाई को डॉक्यूमेंट्री के जरिए लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की गई है, ताकि कोई भी यह न कह सके कि यह सिर्फ एक खबर थी, असल में यह एक परिवार की तबाही की कहानी है।
