मशहूर हरियाणवी सिंगर और डांसर सपना चौधरी की पर्सनल लाइफ को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। हमेशा अपने गानों और डांस से लोगों का दिल जीतने वाली सपना इस समय अपनी शादीशुदा जिंदगी में एक बेहद मुश्किल दौर से गुजर रही हैं। मामला अब दिल्ली की अदालत तक पहुंच चुका है, जहां कोर्ट ने सपना चौधरी के पति यशवीर साहू (वीर साहू) के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अपनाया है। दिल्ली की द्वारका कोर्ट की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (महिला कोर्ट) निधि सिंह ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए वीर साहू पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी हैं। कोर्ट के इस नए और सख्त आदेश के बाद अब वीर साहू चाहकर भी अपनी पत्नी सपना चौधरी से मुलाकात या किसी भी तरह का संपर्क नहीं कर सकेंगे। इस खबर के सामने आने के बाद से ही सपना चौधरी के फैंस के बीच खलबली मच गई है और हर कोई यह जानने के लिए उत्सुक है कि दोनों के हंसते-खेलते रिश्ते में अचानक ऐसा क्या हो गया।
घरेलू हिंसा का आरोप और मायके का सहारा
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब सपना चौधरी ने अपने वकील प्रीति सिंह के माध्यम से दिल्ली की अदालत का दरवाजा खटखटाया। सपना ने अपने पति यशवीर साहू के खिलाफ ‘घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम’ (Domestic Violence Act) के तहत एक याचिका दायर की है। इस याचिका में सपना ने अपने पति पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। सपना के वकील के मुताबिक, पति के व्यवहार और बढ़ते विवादों के कारण स्थिति इतनी खराब हो गई कि सपना को अपना खुद का घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। आखिरकार अपनी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सपना चौधरी नजफगढ़ स्थित अपने मायके लौट आईं और वहीं रह रही हैं। अदालत में दायर इस याचिका ने दोनों के बीच चल रहे गहरे मनमुटाव को पूरी तरह से जगजाहिर कर दिया है, जिसकी उम्मीद उनके चाहने वालों को बिल्कुल नहीं थी।
करियर को बर्बाद करने की धमकी और बदनामी का डर
सपना चौधरी ने अपनी याचिका में कोर्ट को बताया कि उन्हें अपने पति से लगातार धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि वीर साहू उनके प्रोफेशनल काम में बड़ी बाधाएं खड़ी कर सकते हैं और समाज में उनकी छवि को नुकसान पहुंचाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर सकते हैं। सपना ने विशेष रूप से इसी महीने होने वाली अपनी एक फिल्म की स्क्रीनिंग का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें पूरा डर है कि उनके पति इस कार्यक्रम में पहुंचकर हंगामा कर सकते हैं या इसमें अड़चन डाल सकते हैं। सपना का कहना है कि वह अपने करियर और मेहनत को किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं होने देना चाहतीं, इसीलिए उन्हें कानूनी तौर पर सुरक्षा की मांग करनी पड़ी ताकि वह बिना किसी डर के अपना काम जारी रख सकें।
कोर्ट में पेश हुए चोट के निशान और ऑडियो सबूत
इस मामले की सुनवाई करते हुए ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट निधि सिंह ने पाया कि सपना चौधरी द्वारा पेश किए गए सबूत बेहद गंभीर और ठोस हैं। सपना ने अदालत के सामने अपनी चोटों की तस्वीरें और पति के साथ हुई बातचीत की कुछ ऑडियो रिकॉर्डिंग पेश की हैं, जो उनके द्वारा लगाए गए घरेलू हिंसा के आरोपों को सच साबित करने के लिए पर्याप्त आधार देती हैं। इन सबूतों को देखने के बाद कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से अंतरिम आदेश जारी करते हुए वीर साहू को आदेश दिया है कि वह आगामी 25 जुलाई (सुनवाई की अगली तारीख) तक सपना चौधरी के पास जाने, उनसे बात करने या उनके घर और कार्यस्थल पर जाने की कोशिश बिल्कुल न करें। इसके साथ ही अदालत ने दिल्ली पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं कि सपना चौधरी की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए और उन्हें हर संभव मदद मुहैया कराई जाए।
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