पाकिस्तान की सेना के मीडिया प्रमुख DG ISPR लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी इन दिनों चर्चा के केंद्र में हैं। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनकी की गई हरकत ने सोशल मीडिया पर तूफान ला दिया है। वायरल वीडियो में वे एक महिला पत्रकार की ओर देखते हुए अचानक आंख मारते नजर आते हैं। यह पूरा दृश्य लाइव कैमरे में कैद हो गया, और कुछ ही मिनटों में क्लिप इंटरनेट पर तेजी से फैल गई। पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटना के बाद उनके प्रोफेशनल रवैये पर सवाल उठने लगे हैं।
सवाल-जवाब के बीच हुई घटना
रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस वक्त यह वाक्या हुआ, उस दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से जुड़े गंभीर राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा चल रही थी। महिला पत्रकार ने इमरान खान पर लगाए गए देशद्रोह और सुरक्षा खतरे जैसे आरोपों पर सवाल पूछा था। जैसे ही कैमरा DG ISPR की ओर लौटा, वह हल्की मुस्कान के साथ पत्रकार की तरफ आंख मारते हुए दिखाई दिए। यह दृश्य इतना अप्रत्याशित था कि वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए। पत्रकार ने भी इस घटना को नजरअंदाज करते हुए अपना सवाल जारी रखा, लेकिन कैमरे की फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल होते देर नहीं लगी।
Believe me, he is a top rank army officer in uniform…. pic.twitter.com/GDjduiCY8m
— OsintTV 📺 (@OsintTV) December 9, 2025
सोशल मीडिया में भड़का गुस्सा
वीडियो सामने आते ही पाकिस्तान में लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर हजारों यूजर्स ने इसे ‘अनुचित व्यवहार’ और ‘अप्रोफेशनल रवैया’ बताते हुए DG ISPR की आलोचना की। कई पत्रकार संगठनों ने भी इसे प्रेस की गरिमा के खिलाफ बताया। कुछ लोगों ने कहा कि एक उच्च सैन्य पद पर बैठे अधिकारी का ऐसा व्यवहार अनुकरणीय नहीं हो सकता। वहीं अन्य यूजर्स ने इसे महिला पत्रकार के प्रति असम्मानजनक बताया और इस मामले पर बड़ा सवाल उठाया कि क्या पाकिस्तान में अधिकारी प्रेस को गंभीरता से ले रहे हैं या नहीं।
घटना ने बढ़ाया विश्वास का संकट
इस विवाद के बाद पाकिस्तान में सेना और मीडिया के रिश्तों पर भी नई चर्चा शुरू हो गई है। कई विश्लेषकों का मानना है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस जैसे औपचारिक मंच पर वरिष्ठ अधिकारी की इस हरकत से पाकिस्तान सेना की छवि पर असर हुआ है। घटना के कुछ ही पल बाद DG ISPR ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को मानसिक समस्या वाला इंसान बताते हुए उनका मजाक भी उड़ाया, जिसके बाद राजनीतिक तनाव और अधिक बढ़ गया। अब लोग मांग कर रहे हैं कि सेना को इस घटना पर स्पष्टीकरण देना चाहिए और नियमों के तहत उचित कार्रवाई करनी चाहिए। यह मामला फिलहाल सोशल मीडिया, न्यूज़ चैनलों और राजनीतिक हलकों में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।
