हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के अर्की बाजार में रविवार देर रात एक ऐसा भयावह मंजर देखने को मिला, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। रात करीब 2:30 बजे अचानक एक रिहायशी मकान से आग की लपटें उठने लगीं। शुरुआत में लोगों को लगा कि यह मामूली आग है, लेकिन कुछ ही पलों में हालात बेकाबू हो गए। देखते ही देखते आग ने आसपास की दुकानों और घरों को अपनी चपेट में ले लिया। सो रहे लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागे, लेकिन कई लोग लपटों के बीच फंस गए। इस दर्दनाक हादसे में 8 साल की मासूम बच्ची की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि 7 से 8 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
LPG धमाकों से आग बनी मौत का जाल
आग की भयावहता उस वक्त और बढ़ गई जब एक के बाद एक कई LPG सिलेंडर फटने लगे। धमाकों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। चश्मदीदों के मुताबिक, सिलेंडर ब्लास्ट के बाद आग ने ऐसा विकराल रूप लिया कि दमकल की गाड़ियां भी पास आने में हिचकने लगीं। इस हादसे में 6 से अधिक मकान पूरी तरह जलकर राख हो गए, जबकि कई दुकानें भी खाक हो गईं। बाजार में रखा सारा सामान, नकदी और जरूरी दस्तावेज पल भर में जलकर खत्म हो गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सिलेंडर बाहर निकाल लिए जाते तो शायद नुकसान कम होता।
बच्चों समेत कई लोग अब भी नहीं मिले
इस हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि आग के बाद से 7 से 8 लोग लापता हैं। लापता लोगों में 2 महिलाएं, 2 पुरुष और 4 बच्चे शामिल बताए जा रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि वे आग की चपेट में आ गए होंगे, हालांकि प्रशासन इसकी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार कर रहा है। 8 साल की बच्ची की मौत ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है। बच्ची अपने परिवार के साथ घर में सो रही थी और आग की लपटों से निकल नहीं सकी। स्थानीय लोग और रिश्तेदार घटनास्थल पर बदहवास हालत में अपनों को तलाशते नजर आए। हर कोई एक ही सवाल पूछ रहा है—क्या बाकी लोग जिंदा मिल पाएंगे?
विधायक पहुंचे मौके पर, प्रशासन अलर्ट
सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। घटनास्थल पर स्थानीय विधायक संजय अवस्थी भी पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है और इसकी गहन जांच की जा रही है। लापता लोगों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को अस्थायी राहत देने की तैयारी की जा रही है। इस हादसे ने एक बार फिर बाजारों में सुरक्षा मानकों और LPG सिलेंडरों के सुरक्षित इस्तेमाल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
