MP के भिंड जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में मातम का माहौल पैदा कर दिया है। ग्वालियर-भिंड-इटावा नेशनल हाईवे-719 पर छीमका गांव के पास बीती रात करीब एक बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। धान की रोपाई का कठिन काम पूरा करने के बाद अपने घरों की ओर लौट रहे मजदूरों से भरी एक पिकअप गाड़ी की सामने से आ रहे तेज रफ्तार डंपर से आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। यह टक्कर इतनी भयानक थी कि पिकअप वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार मजदूर सड़क पर बिखर गए। इस भीषण सड़क दुर्घटना में उत्तर प्रदेश के 8 गरीब मजदूरों की मौके पर या अस्पताल ले जाते वक्त दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 32 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस दिल को झकझोर देने वाले हादसे के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और हर कोई इस भयानक मंजर को याद कर सिहर उठ रहा है।
यूं हुआ जानलेवा हादसा: गोवंश को बचाने के चक्कर में डंपर में जा घुसी मजदूरों से भरी पिकअप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लखीमपुर खीरी जिले के रहने वाले दर्जनों मजदूर रोजी-रोटी की तलाश में मध्य प्रदेश के डबरा अंतर्गत चीनोर इलाके में गए थे। वहां खेतों में धान की रोपाई का काम सफलताપૂર્વक समाप्त करने के बाद सभी मजदूर एक पिकअप लोडिंग वाहन में सवार होकर अपने गृह जनपद लौटने के लिए निकले थे। सफर सुहाना था और सभी के चेहरों पर अपने परिवार से मिलने की खुशी साफ झलक रही थी, लेकिन किसी को नहीं पता था कि आगे का रास्ता उनके लिए मौत का पैगाम लेकर आ रहा है। जब यह वाहन नेशनल हाईवे-719 पर छीमका मोड़ के पास पहुंचा, तो अचानक सड़क के बीचों-बीच एक गोवंश (गाय) आ गया। पिकअप चालक ने उस बेजुबान जानवर को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन अचानक हुए इस घटनाक्रम में वाहन बेकाबू हो गया और सीधे सामने से आ रहे एक अनियंत्रित डंपर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि रात के सन्नाटे में दूर-दूर तक उसकी आवाज गूंज उठी।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गई सांसें, घायलों की चीख-पुकार से दहल उठा इलाका
हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और चारों तरफ चीख-पुकार का माहौल पैदा हो गया। खून से लथपथ मजदूर सड़क पर दर्द से कराह रहे थे। स्थानीय लोगों की सूचना पर गोहद चौराहा थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और डायल-112 सेवा तथा एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को नजदीकी गोहद अस्पताल पहुंचाया गया। शुरुआती जांच में ही डॉक्टरों ने पांच मजदूरों को मृत घोषित कर दिया, जिससे चिकित्सालय में कोहराम मच गया। वहीं, गंभीर रूप से घायल 26 अन्य मजदूरों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया गया। हालांकि, रास्ते में ही तीन और गंभीर घायलों ने दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों का यह आंकड़ा बढ़कर सीधे आठ तक पहुंच गया। अस्पताल के डॉक्टरों और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, कई अन्य घायलों की हालत अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है, जिससे मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सीएम योगी और मध्य प्रदेश सरकार का कड़ा संज्ञान, पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान
इस भीषण सड़क हादसे की खबर मिलते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए पूरे मामले का त्वरित संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने तुरंत एक्शन लेते हुए उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों को मध्य प्रदेश सरकार के संपर्क में रहने और घायलों का समुचित तथा मुफ्त इलाज सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, दुर्घटना में जान गंवाने वाले मजदूरों के पार्थिव शरीर को पूरी सम्मान के साथ उनके पैतृक गांवों यानी लखीमपुर खीरी तक सुरक्षित पहुंचाने की मुकम्मल व्यवस्था की जा रही है। दूसरी ओर, इस दुखद घटना के मद्देनजर मध्य प्रदेश सरकार ने भी बड़ा कदम उठाते हुए प्रत्येक मृतक मजदूर के शोक संतप्त परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का आधिकारिक ऐलान किया है। बहरहाल, इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर नेशनल हाईवे पर खुलेआम घूम रहे आवारा पशुओं और बेलगाम रफ्तार पर अंकुश लगाने को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिस पर प्रशासन को जल्द ही ठोस कदम उठाने की सख्त जरूरत है।
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