उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को पीलीभीत पहुंचे, जहां उन्होंने 569 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता राशि के चेक और प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। साथ ही, बांग्लादेश बनने से पहले पूर्वी पाकिस्तान से भारत आए कुछ विस्थापित परिवारों को भूमि और नागरिकता से जुड़े दस्तावेज भी सौंपे गए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं शुरू करना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क, परिवहन और आधारभूत सुविधाएं किसी भी जिले की आर्थिक प्रगति को नई दिशा देती हैं और इसी सोच के साथ प्रदेश में लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं।
कानून व्यवस्था और विकास को सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम किया गया है। उन्होंने दावा किया कि अपराध पर नियंत्रण और निवेश के लिए सुरक्षित माहौल तैयार होने से उत्तर प्रदेश में उद्योगों और रोजगार के नए अवसर बढ़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता गरीब, किसान, युवा, महिलाएं और व्यापारी हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी अपराधी या माफिया के लिए सरकार में कोई जगह नहीं है और कानून का पालन सभी के लिए समान रूप से जरूरी है। उनके अनुसार, सुरक्षित वातावरण ही विकास की सबसे बड़ी शर्त है और इसी कारण प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश और बुनियादी ढांचे का विस्तार देखने को मिल रहा है।
विपक्ष पर साधा निशाना, कई मुद्दों पर उठाए सवाल
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के समय प्रदेश में अपराध, दंगे और अवैध कब्जों जैसी घटनाएं अधिक देखने को मिलती थीं, जबकि वर्तमान सरकार कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि रक्षा क्षेत्र में देश तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है और आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ रहा है। इसी संदर्भ में उन्होंने अपनी सरकार की नीतियों की तुलना पूर्ववर्ती सरकारों से करते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश विकास और सुरक्षा की दिशा में काम कर रहा है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जनता अब विकास, सुशासन और पारदर्शिता को प्राथमिकता दे रही है।
पीलीभीत के विकास और विस्थापित परिवारों के सम्मान पर दिया विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पीलीभीत प्राकृतिक संसाधनों और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण जिला है और सरकार इसे ईको-टूरिज्म के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सड़क और अन्य संपर्क सुविधाओं में सुधार से व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। मुख्यमंत्री ने पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित होकर भारत आए परिवारों का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को सम्मानजनक जीवन और उनके अधिकार दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक माना जाएगा जब समाज के हर वर्ग को उसका लाभ मिले। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने लोगों से विकास योजनाओं का लाभ उठाने और प्रदेश को आगे बढ़ाने में अपनी भागीदारी निभाने की अपील की।
