असम में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) और उनके साथियों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद मामला चर्चा में है। रविवार को हिरासत में लिए गए रांका बाद में बाहर आ गए। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी हिरासत को लेकर पोस्ट किया। रांका ने दावा किया कि असम पुलिस ने उन्हें गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखा था। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस से उन्होंने उन्हें उसी जगह छोड़ने को कहा, जहां से उन्हें उठाया गया था। आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) ने बताया कि वह चौधरी टीला, यानी सचिवालय के सामने, मीडिया से बातचीत करेंगे।
रांका के पोस्ट पर अभिजीत दीपके का आया मजेदार रिएक्शन
आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) के हिरासत से बाहर आने के बाद CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) के पोस्ट को लेकर लिखा, “अबे यार, मैं असल में कल पुलिस स्टेशन पर आपकी हड़ताल में शामिल होने का बेसब्री से इंतजार कर रहा था।” दीपके की इस टिप्पणी के बाद पार्टी से जुड़े लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। दूसरी ओर, रांका ने अपनी पोस्ट में हिरासत की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी गैर-कानूनी हिरासत खत्म हो गई है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस दावे पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया है, यह स्पष्ट नहीं है।
Abey yaar… I was actually looking forward to joining your strike at the police station tomorrow. https://t.co/HY7FeSbUxZ
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) September 27, 2026
असम में स्कूलों और SIR को लेकर अभियान
आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) 26 सितंबर को असम पहुंचे थे। उनके मुताबिक, उनकी टीम राज्य के सरकारी स्कूलों की स्थिति को समझने के लिए अलग-अलग जगहों का दौरा करेगी। इसके अलावा टीम SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से प्रभावित परिवारों से मिलने और स्थानीय कार्यकर्ताओं से बातचीत करने की योजना लेकर असम पहुंची थी। आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) ने अपने अभियान के दौरान असम सरकार की नीतियों और राज्य में स्कूलों की स्थिति को लेकर सवाल उठाए हैं। SIR को लेकर भी उनकी टीम प्रभावित लोगों से जानकारी जुटाने की बात कह रही है।
हिमंत बिस्वा सरमा पर लगाए कई आरोप
आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर भी कई आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि सरकार सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति को लेकर सवालों से बचना चाहती है। आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) ने काजीरंगा से जुड़े मुद्दों को भी उठाते हुए आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं और जमीन, जंगल तथा पानी से जुड़े संसाधनों को कॉरपोरेट कंपनियों को दिए जाने की प्रक्रिया चल रही है। ये आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) द्वारा लगाए गए आरोप हैं, जिन पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया अलग हो सकती है। फिलहाल उनकी हिरासत और उसके बाद किए गए सोशल मीडिया पोस्ट के कारण यह मामला चर्चा में बना हुआ है।
