मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने अगले कदम का ऐलान किया है। CJP के संयोजक अभिजीत दीपके ने 25 सितंबर को कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार शनिवार तक अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो संगठन 2 अक्टूबर से मुंबई में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगा। दीपके के मुताबिक, इसके बाद प्रदर्शन को देश के दूसरे शहरों तक भी ले जाया जाएगा। उन्होंने गांधी जयंती के मौके पर इस अभियान को शुरू करने की बात कही है। यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज है।
गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में रखी गई थीं तीन मांगें
इससे एक दिन पहले 24 सितंबर को अभिजीत दीपके ने सह-संयोजक सौरव दास और प्रवक्ता आशुतोष रांका के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। CJP ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग के अलावा SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने तथा जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल करने की मांग रखी थी। संगठन ने चुनाव से जुड़े 2023 के कानून में बदलाव और चुनाव आयोग में सुधार की भी बात कही थी। CJP ने 48 घंटे का समय देते हुए कहा था कि मांगें पूरी नहीं होने पर देशव्यापी आंदोलन और दिल्ली में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
SIR को लेकर चुनाव आयोग के अंदर की आपत्तियों से बढ़ी चर्चा
CJP का यह अभियान ऐसे समय सामने आया है जब SIR को लेकर चुनाव आयोग के कामकाज पर भी सवालों की चर्चा हो रही है। द इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले करीब 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज की थीं। रिपोर्ट में मतदाता सूची में नाम जोड़ने-हटाने, डेटा तक पहुंच और सॉफ्टवेयर से जुड़े मुद्दों का जिक्र किया गया है। चुनाव आयोग ने बाद में कहा कि अलग-अलग विचार निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकते हैं, हालांकि उसने रिपोर्ट में बताए गए नोट्स के अस्तित्व और तारीखों को खारिज नहीं किया।
विपक्ष भी उठा रहा SIR और CEC के खिलाफ कार्रवाई का मुद्दा
SIR को लेकर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल पहले से चुनाव आयोग पर सवाल उठाते रहे हैं। 24 सितंबर को विपक्ष की ओर से ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने की तैयारी की खबर भी सामने आई। वहीं पश्चिम बंगाल की SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि हटाए गए मतदाताओं में से 22 लाख से अधिक लोगों ने नाम बहाल कराने के लिए अपील की है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने SIR के तहत की गई कार्रवाई का बचाव भी किया है। ऐसे में CJP के 2 अक्टूबर से प्रस्तावित प्रदर्शन और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर होने वाली राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रहेगी।
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