अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉल खिलाड़ी Lionel Messi के कोलकाता दौरे को लेकर जिस कार्यक्रम को ऐतिहासिक और यादगार बताया जा रहा था, वही इवेंट पश्चिम बंगाल सरकार के लिए भारी विवाद का कारण बन गया। साल्ट लेक स्टेडियम में हुए इस कार्यक्रम के दौरान मची अव्यवस्था और हिंसा ने पूरे राज्य में सियासी हलचल तेज कर दी। भारी हंगामे के बाद राज्य के खेल मंत्री Arup Biswas ने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया। उन्होंने मुख्यमंत्री Mamata Banerjee को पत्र लिखकर खेल विभाग की जिम्मेदारियों से मुक्त किए जाने का अनुरोध किया। यह फैसला ऐसे वक्त में आया है जब विपक्ष लगातार सरकार पर कुप्रबंधन और VIP संस्कृति को बढ़ावा देने के आरोप लगा रहा था।
CM ममता को लिखी चिट्ठी में क्या बोले अरूप बिस्वास
अरूप बिस्वास ने मुख्यमंत्री को भेजे अपने पत्र में साफ कहा कि मेसी इवेंट के दौरान जो कुछ भी हुआ, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे राज्य की छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने लिखा कि निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच के लिए उनका पद पर बने रहना उचित नहीं होगा। इसी भावना के तहत उन्होंने खेल विभाग की जिम्मेदारियों से खुद को अलग करने का निर्णय लिया है। बिस्वास ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका इस्तीफा किसी दबाव में नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी के तहत दिया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि पूरे मामले की गहन जांच हो, ताकि यह सामने आ सके कि सुरक्षा, टिकट व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन में चूक कहां हुई। इस पत्र के सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगा कि क्या यह केवल नैतिकता का मामला है या इसके पीछे और भी बड़े खुलासों की आशंका है।
स्टेडियम में क्यों भड़के फैंस, कैसे बिगड़े हालात
शनिवार, 13 दिसंबर 2025 को कोलकाता के Salt Lake Stadium में हजारों फैंस मेसी की एक झलक पाने के लिए घंटों पहले पहुंच चुके थे। कई लोगों ने इसके लिए महंगी टिकटें खरीदी थीं और उम्मीद थी कि उन्हें फुटबॉल के इस महान खिलाड़ी को नजदीक से देखने का मौका मिलेगा। लेकिन जैसे ही मेसी स्टेडियम पहुंचे, उन्हें चारों ओर से वीवीआईपी लोगों, राजनेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों ने घेर लिया। आम दर्शकों को उनकी झलक तक नहीं मिल सकी। इसी बात से नाराज होकर फैंस ने नारेबाजी शुरू कर दी, जो देखते ही देखते तोड़फोड़ में बदल गई। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और व्यवस्था संभालने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को तैनात किया गया। बढ़ते तनाव और सुरक्षा कारणों से मेसी को तय समय से पहले ही स्टेडियम छोड़ना पड़ा, जिससे फैंस का गुस्सा और भड़क गया।
SIT का गठन, आयोजक गिरफ्तार, आगे क्या होगी कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने तुरंत कदम उठाते हुए मुख्य सचिव के नेतृत्व में चार सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। इस टीम को इवेंट की प्लानिंग, टिकट बिक्री, सुरक्षा इंतजाम और वीआईपी मूवमेंट से जुड़े सभी पहलुओं की जांच सौंपी गई है। इस मामले में इवेंट के मुख्य आयोजक शताद्रु दत्ता को गिरफ्तार किया गया है। उन पर टिकटों की ऊंची कीमतें रखने, दर्शकों की सुरक्षा और व्यवस्थाओं में लापरवाही बरतने जैसे आरोप लगे हैं। सरकार का कहना है कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। वहीं विपक्ष ने इस पूरे मामले को सरकार की विफलता बताते हुए मुख्यमंत्री से जवाब मांगा है। अब सबकी नजर SIT की रिपोर्ट पर टिकी है, जो तय करेगी कि यह हंगामा केवल अव्यवस्था का नतीजा था या इसके पीछे कोई संगठित लापरवाही और वीआईपी दबाव भी शामिल था।
