आंध्र प्रदेश के करनूल ज़िले में शुक्रवार तड़के हैदराबाद-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने राहगीरों की रूह कंपा दी। आधी रात के सन्नाटे में दौड़ती एक प्राइवेट बस अचानक एक बाइक से टकरा गई, और देखते ही देखते बस के आगे से लपटें उठने लगीं। कुछ ही पलों में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। अंदर बैठे यात्री कुछ समझ पाते, उससे पहले धुआं और चीखें सब कुछ निगल गए। पुलिस के मुताबिक, इस हादसे में 12 लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि कई गंभीर रूप से झुलस गए। आग इतनी भीषण थी कि दमकल दल को आग बुझाने में घंटों लग गए।
घटना की जांच और चश्मदीदों की कहानी
स्थानीय लोगों के अनुसार हादसा सुबह करीब 4 बजे हुआ, जब बस बेंगलुरु से हैदराबाद की ओर जा रही थी। अचानक सामने से आ रही एक बाइक बस के बेहद करीब आ गई, और बस ड्राइवर के पास बचने का समय नहीं था। जोरदार टक्कर के बाद बस डिवाइडर से टकराई और तुरंत उसमें आग लग गई। चश्मदीद बताते हैं कि टक्कर के बाद बस से चीखें सुनाई दीं, लेकिन आग इतनी तेजी से फैली कि कोई अंदर तक पहुंच भी नहीं पाया।
अब जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आग सिर्फ टक्कर से लगी या बस की ईंधन लाइन में कोई तकनीकी खराबी पहले से थी। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से जल चुके हिस्से और बाइक के अवशेष जब्त कर लिए हैं। फिलहाल ड्राइवर को हल्की चोटें आई हैं और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
प्रशासनिक कार्रवाई और सुरक्षा बहस
हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिया है। ज़िला कलेक्टर ने मृतकों के परिजनों को तत्काल सहायता राशि देने का आदेश दिया है, जबकि मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। दमकल विभाग की शुरुआती रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि बस में फायर सेफ्टी उपकरण मौजूद ही नहीं थे, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
यह हादसा एक बड़ा सवाल छोड़ गया है — क्या लंबी दूरी की बसों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कोई ठोस व्यवस्था है? ट्रांसपोर्ट एक्सपर्ट्स मानते हैं कि निजी बस कंपनियों को अग्नि सुरक्षा उपकरण, आपातकालीन निकास और नियमित फिटनेस जांच अनिवार्य करनी चाहिए। इस घटना ने एक बार फिर याद दिलाया है कि सड़क पर लापरवाही, सिर्फ एक पल में दर्जनों घरों को उजाड़ सकती है।
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